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जोनल अस्पताल मंडी में मशीन खराब, खून के सभी टेस्ट बंद
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क्षेत्रीय अस्पताल मंडी का भवन संवाद
- फोटो : Mandi
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में डेढ़ माह बाद फिर से सरकारी लैब में स्थापित बायोकैमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। इससे खून के सभी टेस्ट बंद हो गए हैं।
सरकारी अस्पताल में सस्ते या मुफ्त टेस्ट के लिए आने वाले रोगियों को मजबूरन निजी लैब में जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। अस्पताल में क्रस्ना लैब भी है, जहां सरकारी दरों पर टेस्ट होते हैं। लेकिन यहां भी स्टाफ की कमी है। यहां रिपोर्ट तीसरे से चौथे दिन में मिल रही है। रोगियों लंबी की कतारें भी परेशानी पैदा कर रही हैं। बता दें सरकारी लैब में सुबह नौ से 12 बजे तक टेस्ट होते हैं। यहां रोजाना करीब तीन सौ रोगी टेस्ट करवाते हैं।
एक मशीन का पुर्जा खराब, दूसरी नहीं हुई शुरू
क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह ने बताया कि मशीन का पुर्जा दोबारा खराब हो गया है। इस बारे में संबंधित कंपनी को लिखा गया है। शीघ्र ही इसकी मरम्मत कर दी जाएगी। अस्पताल में दूसरी नई मशीन भी स्थापित की है। लेकिन उसके रिजेंट अलग होने से अभी उसे शुरू नहीं किया है। इसे जल्द शुरू किया जाएगा।
केस वन
सुबह सात बजे घर से चला था। दस बजे अस्पताल पहुंचा तो सरकारी लैब में टेस्ट न होने के बारे में पता चला। काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने क्रस्ना लैब के बारे में बताया। वहां करीब डेढ़ घंटा लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं पड़ा। मात्र एक कर्मचारी की तैनाती के कारण देरी हो रही है।
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कृष्ण, निवासी सुधार द्रंग, मंडी
केस टू
सरकारी लैब में मशीन के खराब होने पर पीएलसी और डीएलसी के टेस्ट करवाने के लिए क्रसना लैब गया। यहां तैनात कर्मचारियों ने लोगों को पर्ची और आधारकार्ड की फोटो कॉपी के साथ सीएमओ से मोहर लगाने के लिए भेजा। इससे परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे बेहतर होता यदि यहां सूचना पट्ट पर सारी जानकारी लिख दी जाती।
राजेंद्र सिंह, निवासी बगला मंडी
सरकारी लैब में यह टेस्ट बंद
सीबीसी टेस्ट, हीमोग्लोविन, पीएलसी, डीएलसी, प्लेट लेट काउंट, पीसी सहित कई अन्य टेस्ट नहीं हो रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में सस्ते या मुफ्त टेस्ट के लिए आने वाले रोगियों को मजबूरन निजी लैब में जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। अस्पताल में क्रस्ना लैब भी है, जहां सरकारी दरों पर टेस्ट होते हैं। लेकिन यहां भी स्टाफ की कमी है। यहां रिपोर्ट तीसरे से चौथे दिन में मिल रही है। रोगियों लंबी की कतारें भी परेशानी पैदा कर रही हैं। बता दें सरकारी लैब में सुबह नौ से 12 बजे तक टेस्ट होते हैं। यहां रोजाना करीब तीन सौ रोगी टेस्ट करवाते हैं।
एक मशीन का पुर्जा खराब, दूसरी नहीं हुई शुरू
क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह ने बताया कि मशीन का पुर्जा दोबारा खराब हो गया है। इस बारे में संबंधित कंपनी को लिखा गया है। शीघ्र ही इसकी मरम्मत कर दी जाएगी। अस्पताल में दूसरी नई मशीन भी स्थापित की है। लेकिन उसके रिजेंट अलग होने से अभी उसे शुरू नहीं किया है। इसे जल्द शुरू किया जाएगा।
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केस वन
सुबह सात बजे घर से चला था। दस बजे अस्पताल पहुंचा तो सरकारी लैब में टेस्ट न होने के बारे में पता चला। काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने क्रस्ना लैब के बारे में बताया। वहां करीब डेढ़ घंटा लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं पड़ा। मात्र एक कर्मचारी की तैनाती के कारण देरी हो रही है।
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कृष्ण, निवासी सुधार द्रंग, मंडी
केस टू
सरकारी लैब में मशीन के खराब होने पर पीएलसी और डीएलसी के टेस्ट करवाने के लिए क्रसना लैब गया। यहां तैनात कर्मचारियों ने लोगों को पर्ची और आधारकार्ड की फोटो कॉपी के साथ सीएमओ से मोहर लगाने के लिए भेजा। इससे परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे बेहतर होता यदि यहां सूचना पट्ट पर सारी जानकारी लिख दी जाती।
राजेंद्र सिंह, निवासी बगला मंडी
सरकारी लैब में यह टेस्ट बंद
सीबीसी टेस्ट, हीमोग्लोविन, पीएलसी, डीएलसी, प्लेट लेट काउंट, पीसी सहित कई अन्य टेस्ट नहीं हो रहे हैं।