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Mandi News: नहीं हो पाई केवाईसी, न ही बने प्रमाण पत्र
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मंडी/लडभड़ोल/सुंदरनगर/जोगिंद्रनगर। हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ ने मांगों को लेकर मंगलवार को जिलेभर में अनिश्चितकालीन पेनडाउन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल से तहसील कार्यालयों में अपनी आवश्यक कार्य करवाने पहुंचे लोगों को बेरंग लौटना पड़ा। राजस्व अधिकारियों के न मिलने पर लोग जमीन संबंधी केवाईसी, भूमि संबंधित कार्य और प्रमाण पत्र नहीं बना पाए। ऐसे में लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को जिलेभर की तहसीलों और उपतहसीलों में पेन डाउन हड़ताल रही। संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ जिला कार्यकारिणी के प्रधान विशंभर ठाकुर, मुख्य सलाहकार मोती राम, लडभड़ोल तहसीलदार पटवारी एवं कानूनगो संघ के प्रधान पवन कुमार, सचिव संचित सूद सहित जिलेभर के राजस्व अधिकारियों ने मांगों को दोहराया। सरकार से मांग उठाई कि उनकी वरिष्ठता सूची राज्य स्तर पर बनाई जाए ताकि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिले। वेतन भत्ते भी राज्य कैडर के अनुसार दिए जाएं, जिससे उन्हें उचित आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो।
मांग उठाई है कि पटवार और कानूनगो भवनों की मरम्मत करवाई जाए। पटवारी और कानूनगो का कार्य तकनीकी होने के कारण तकनीकी स्केल निर्धारित किया जाए। पटवार कानूनगो के कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। फील्ड स्टाफ वर्तमान में तहसील और एसडीएम कार्यालयों में तैनात है, उन्हें तुरंत प्रभाव से फील्ड में भेजा जाए ताकि जमीनी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो।
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वेतन में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जाए, जिससे सभी कर्मचारियों को समान वेतन मिल सके तथा नायब तहसीलदार पदोन्नति में मिनिस्ट्रियल स्टाफ का 20 प्रतिशत कोटा खत्म किया जाए। बताया कि पटवारी का वर्तमान वेतन 20,200 रुपये से बढ़ाया जाए। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो संघ सर्वसम्मति से राज्य कैडर का विरोध करेगा। स्पष्ट किया कि उन्हें मात्र तबादला के लिए राज्य कैडर स्वीकार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त राज्य कार्यकारिणी के अनुसार आगामी निर्णय लेगी।
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मंगलवार को जिलेभर की तहसीलों और उपतहसीलों में पेन डाउन हड़ताल रही। संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ जिला कार्यकारिणी के प्रधान विशंभर ठाकुर, मुख्य सलाहकार मोती राम, लडभड़ोल तहसीलदार पटवारी एवं कानूनगो संघ के प्रधान पवन कुमार, सचिव संचित सूद सहित जिलेभर के राजस्व अधिकारियों ने मांगों को दोहराया। सरकार से मांग उठाई कि उनकी वरिष्ठता सूची राज्य स्तर पर बनाई जाए ताकि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिले। वेतन भत्ते भी राज्य कैडर के अनुसार दिए जाएं, जिससे उन्हें उचित आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो।
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मांग उठाई है कि पटवार और कानूनगो भवनों की मरम्मत करवाई जाए। पटवारी और कानूनगो का कार्य तकनीकी होने के कारण तकनीकी स्केल निर्धारित किया जाए। पटवार कानूनगो के कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। फील्ड स्टाफ वर्तमान में तहसील और एसडीएम कार्यालयों में तैनात है, उन्हें तुरंत प्रभाव से फील्ड में भेजा जाए ताकि जमीनी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो।
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वेतन में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जाए, जिससे सभी कर्मचारियों को समान वेतन मिल सके तथा नायब तहसीलदार पदोन्नति में मिनिस्ट्रियल स्टाफ का 20 प्रतिशत कोटा खत्म किया जाए। बताया कि पटवारी का वर्तमान वेतन 20,200 रुपये से बढ़ाया जाए। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो संघ सर्वसम्मति से राज्य कैडर का विरोध करेगा। स्पष्ट किया कि उन्हें मात्र तबादला के लिए राज्य कैडर स्वीकार्य नहीं है। इसके अतिरिक्त राज्य कार्यकारिणी के अनुसार आगामी निर्णय लेगी।
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