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नोकझोंक के बाद कमरे में बंद कर दिए कानूनगो और कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Fri, 24 Mar 2017 11:25 PM IST
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धर्मपुर उपमंडल मुख्यालय में स्थित पटवारखाने में शुक्रवार को करीब बारह बजे पटवारी और कानूनगो में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि पटवारी ने कानूनगो और अन्य कर्मचारियों को दरवाजे के अंदर बंद कर दिया। जानकारी के अनुसार नायब तहसीलदार का दौरा धर्मपुर में होना तय था। उससे पहले यह सारा वाक्या घटित हुआ।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह सारा ड्रामा करीब एक से डेढ़ घंटे तक चला। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हुए इस झग़डे़ को देखकर काम करवाने आये लोग बिना काम करवाये वापस चले गए। धर्मपुर में कार्यरत पटवारी कानूनगो के पद से रिटायर हुए हैं और वर्तमान में सरकार की पॉलिसी के अनुसार पटवारी के पद पर पुर्ननियुक्त हुए हैं। पटवारी अशोक कुमार के अनुसार उन्हें कानूनगो और अन्य कर्मचारियों से जान का खतरा है।
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उन्होंने कहा कि कानूनगो और अन्य कर्मचारियों ने उन्हें मारने का प्रयास किया। उन्होंने जान बचाने के लिए उनको दरवाजे में बंद कर दिया। दूसरी ओर कानूनगो धर्मपुर ओंकार चंद के अनुसार नायब तहसीलदार के दौरे को लेकर पटवारखाने गए थे। साथ में और कर्मचारी भी थे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पटवारी से कागज मांगे तो उसने कागज चौकीदार से लेने को कहा। जब उन्होंने कागज चौकीदार से लिए तो पटवारी ने उनके साथ आए देशराज, धर्मचंद व राजकुमार से बदतमीजी शुरू कर दी और बाहर से कार्यालय का दरवाजा बंद कर उन्हें अंदर कैद कर दिया।
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उन्होंने बताया कि सभी लोग करीब आधा घंटे से ज्यादा कमरे में बंद रहे। फिर ऑफिस कानूनगो को फोन किया। उन्होंने उपतहसील कार्यालय से आकर दरवाजे को खोला। ओंकार चंद ने बताया कि पटवारी ने पिछले महीने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था जिसकी शिकायत एसडीएम धर्मपुर से की है। दोनों पक्षों ने थाने में न कोई मामला दर्ज करवाया है न ही तहसील में लिखित शिकायत की है।
मौखिक शिकायत नायब तहसीलदार धर्मपुर को करने की बात दोनों पक्षों ने कही है। इस बारे में नायब तहसीलदार धर्मपुर बालकृष्ण ने कहा कि उन्हें इस तरह की घटना की कोई जानकारी नहीं है। अगर इस तरह से कुछ घटित हुआ होगा तो निश्चित तौर पर जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।