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मंडी में गरजा संयुक्त कर्मचारी महासंघ
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मंडी में हिमाचल प्रदेश सयुंक्त कर्मचारी महासंघ के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन
- फोटो : Mandi
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मंडी। प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने मांगों को लेकर शहर में नारेबाजी कर विश्वकर्मा मंदिर से डीसी कार्यालय तक रोष रैली निकाली। उसके बाद एडीसी मंडी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें पंजाब के वेतनमान को लागू करने, बढ़े हुए वेतन पर दो वर्ष की शर्त हटाने, तीन वर्ष की सेवाकाल शर्त को हटाने का आग्रह किया।
इससे पूर्व महासंघ ने विश्वकर्मा मंदिर मंडी में महासम्मेलन का आयोजन किया। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी नेताओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव हीरालाल वर्मा, मुख्य संगठन सचिव कुलदीप खरवाड़ा, वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, शमशेर सिंह ठाकुर, सुनील चौहान, अरुण गुलेरिया, नरेश ठाकुर, तिलक नायक आदि प्रमुख रहे।
इस मौके पर कर्मचारी महासंघ की जिला मंडी कार्यकारिणी का चयन किया। इसमें जिला मंडी का प्रधान जगमेल ठाकुर और महासचिव मनोज शर्मा को बनाया। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने वित्त विभाग पर आरोप लगाया कि वह हिमाचल प्रदेश में छठा वेतन आयोग लागू करना ही भूल गया। अदालतों के 3200 कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का अभी इंतजार है।
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कहा कि पंजाब के अनुरूप भत्तों की अदायगी की अधिसूचना के बारे में सरकार को घेरने के लिए 21 फरवरी को पालमपुर और 22 को चंबा में यही क्रम दोहराया जाएगा ताकि कर्मचारियों की नाराजगी का एहसास सरकार तक पहुंच सके। महासंघ का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं मिल जाते। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। संवाद
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इससे पूर्व महासंघ ने विश्वकर्मा मंदिर मंडी में महासम्मेलन का आयोजन किया। इसमें सभी विभागों के कर्मचारी नेताओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, महासचिव हीरालाल वर्मा, मुख्य संगठन सचिव कुलदीप खरवाड़ा, वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, शमशेर सिंह ठाकुर, सुनील चौहान, अरुण गुलेरिया, नरेश ठाकुर, तिलक नायक आदि प्रमुख रहे।
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इस मौके पर कर्मचारी महासंघ की जिला मंडी कार्यकारिणी का चयन किया। इसमें जिला मंडी का प्रधान जगमेल ठाकुर और महासचिव मनोज शर्मा को बनाया। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने वित्त विभाग पर आरोप लगाया कि वह हिमाचल प्रदेश में छठा वेतन आयोग लागू करना ही भूल गया। अदालतों के 3200 कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का अभी इंतजार है।
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कहा कि पंजाब के अनुरूप भत्तों की अदायगी की अधिसूचना के बारे में सरकार को घेरने के लिए 21 फरवरी को पालमपुर और 22 को चंबा में यही क्रम दोहराया जाएगा ताकि कर्मचारियों की नाराजगी का एहसास सरकार तक पहुंच सके। महासंघ का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं मिल जाते। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। संवाद