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Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल को नहीं मिला लाखों का अनुदान
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चौंतड़ा (मंडी)। जोगिंद्रनगर उपमंडल के सरकारी अस्पतालों में एनएचआरएम से लाखों का अनुदान न मिलने से उपचार हासिल करने में मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
टेस्ट के लिए सरकारी अस्पतालों में मशीनरी हांफने से इनकी मरम्मत करवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन के हाथ खड़े हैं। जीवन रक्षक दवाओं और अन्य स्वास्थ्य संसाधनों की खरीद भी नहीं हो पा रही है। सौ बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से करीब 15 से 20 लाख का अनुदान दो सालों से नहीं मिला है।
40 लाख का बजट रुकने से अस्पताल का संचालन प्रभावित होने लगा है। सरकारी प्रयोगशाला में निशुल्क होने वाले 56 तरह के टेस्ट पर सालाना 15 से 20 लाख का बजट एनएचआरएम से नहीं मिला है।
प्रयोगशाला की सीबीसी और बायोकेमिस्ट्री मशीनों पर रोजाना 80 से अधिक मरीजों के 200 तरह के टेस्टों के लिए रीजेंट खरीदने के लिए भी बजट नहीं है। एक माह से यहां बायो केमिस्ट्री मशीन की ईएमसी भी इसलिए नहीं हो रही क्योंकि अस्पताल प्रबंधन के पास बजट नहीं है। रोगी कल्याण समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय भी बजट के अभाव से रुक गए हैं।
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बाक्स
अस्पताल संचालन के लिए पेश आ रही दिक्कतों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है। एनएचआरएम से भी बजट न मिलने से मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है।
-डॉ. रोशन लाल कौंडल, एसएमओ जोगिंद्रनगर अस्पताल
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टेस्ट के लिए सरकारी अस्पतालों में मशीनरी हांफने से इनकी मरम्मत करवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन के हाथ खड़े हैं। जीवन रक्षक दवाओं और अन्य स्वास्थ्य संसाधनों की खरीद भी नहीं हो पा रही है। सौ बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से करीब 15 से 20 लाख का अनुदान दो सालों से नहीं मिला है।
40 लाख का बजट रुकने से अस्पताल का संचालन प्रभावित होने लगा है। सरकारी प्रयोगशाला में निशुल्क होने वाले 56 तरह के टेस्ट पर सालाना 15 से 20 लाख का बजट एनएचआरएम से नहीं मिला है।
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प्रयोगशाला की सीबीसी और बायोकेमिस्ट्री मशीनों पर रोजाना 80 से अधिक मरीजों के 200 तरह के टेस्टों के लिए रीजेंट खरीदने के लिए भी बजट नहीं है। एक माह से यहां बायो केमिस्ट्री मशीन की ईएमसी भी इसलिए नहीं हो रही क्योंकि अस्पताल प्रबंधन के पास बजट नहीं है। रोगी कल्याण समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय भी बजट के अभाव से रुक गए हैं।
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अस्पताल संचालन के लिए पेश आ रही दिक्कतों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है। एनएचआरएम से भी बजट न मिलने से मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है।
-डॉ. रोशन लाल कौंडल, एसएमओ जोगिंद्रनगर अस्पताल