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Mandi News: आंखों के सामने मलबे में दब गए अपने, मदद के लिए पुकारते रहे लोग
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सतीश ठाकुर
गोहर (मंडी )। सराजघाटी में बुधवार को आसमान से बरसी आफत ने लोगों के घरों पर ऐसा कहर बरपाया कि डर से घरों में दुबके लोगों की आंखों से आंसू निकाल दिए। सराजघाटी की आधा दर्जन पंचायतों में बुधवार को बरसात ने जमकर तबाही मचाई । इस दौरान सराज की धरती चीखो पुकार से धधक उठी। सड़कों और मोबाइल का संपर्क टूटने के साथ मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चारों ओर हाहाकार मचा रहा। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए असहाय परिजन छाती पीट पीट कर मदद को पुकारते रहे।
सराज क्षेत्र में 6 लोगों की मौत होने से एकाएक सनसनी फैल गई। आंखों के सामने अपने परिवार के सदस्यों को मलबे में दबता देख हर कोई चीखें मारकर मदद के लिए पुकारता रहा। मोबाइल सिग्नल टूटने से लोग झट से मदद के लिए संपर्क तक नहीं कर पाए। कुकलाह, अनाह, जैंशला, कलहनी और झौट पंचायतों में आसमान से बरसी आफत ने पल भर में लोगों के मकान मलबे में तब्दील कर दिए। इससे घरों में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बारिश में मवेशियों को चारा डालने गई हलेन की ताई और भतीजी मलबा गिरने से दब गईं। वहीं, डगैल में नाना- दोहती परमानंद और गोपी भी जब मलबे में दबे तो परिजन बचाव के लिए फूट-फूट कर रोए। सोशल मीडिया में घटनाओं की खबरें फैलते ही लोग अपने-अपने रिश्तेदारों की खोज खबर में जुट गए। गांव वालों की मदद से पीड़ित लोगों ने मलबे में दबे शव बाहर निकाले। प्रशासन की ओर से सभी मृतकों को 25 -25 हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। घटना पर कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन विजय पाल सिंह, जगदीश रेड्डी और अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है। संवाद
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गोहर (मंडी )। सराजघाटी में बुधवार को आसमान से बरसी आफत ने लोगों के घरों पर ऐसा कहर बरपाया कि डर से घरों में दुबके लोगों की आंखों से आंसू निकाल दिए। सराजघाटी की आधा दर्जन पंचायतों में बुधवार को बरसात ने जमकर तबाही मचाई । इस दौरान सराज की धरती चीखो पुकार से धधक उठी। सड़कों और मोबाइल का संपर्क टूटने के साथ मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चारों ओर हाहाकार मचा रहा। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए असहाय परिजन छाती पीट पीट कर मदद को पुकारते रहे।
सराज क्षेत्र में 6 लोगों की मौत होने से एकाएक सनसनी फैल गई। आंखों के सामने अपने परिवार के सदस्यों को मलबे में दबता देख हर कोई चीखें मारकर मदद के लिए पुकारता रहा। मोबाइल सिग्नल टूटने से लोग झट से मदद के लिए संपर्क तक नहीं कर पाए। कुकलाह, अनाह, जैंशला, कलहनी और झौट पंचायतों में आसमान से बरसी आफत ने पल भर में लोगों के मकान मलबे में तब्दील कर दिए। इससे घरों में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बारिश में मवेशियों को चारा डालने गई हलेन की ताई और भतीजी मलबा गिरने से दब गईं। वहीं, डगैल में नाना- दोहती परमानंद और गोपी भी जब मलबे में दबे तो परिजन बचाव के लिए फूट-फूट कर रोए। सोशल मीडिया में घटनाओं की खबरें फैलते ही लोग अपने-अपने रिश्तेदारों की खोज खबर में जुट गए। गांव वालों की मदद से पीड़ित लोगों ने मलबे में दबे शव बाहर निकाले। प्रशासन की ओर से सभी मृतकों को 25 -25 हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। घटना पर कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन विजय पाल सिंह, जगदीश रेड्डी और अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है। संवाद
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