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Mandi News: दहेज और प्रताड़ना के आरोप साबित न होने पर पति-सास बरी
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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-2 मंडी की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पत्नी को प्रताड़ित करने, दहेज मांगने, पत्थर से चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप साबित न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोर्ट नंबर-2 मंडी ने पति और सास को बरी कर दिया।
महिला थाना भ्यूली में 6 अक्तूबर 2017 को दर्ज एफआईआर में महिला ने पति और सास पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना और दहेज मांगने के आरोप लगाए थे। उसने पति पर मारपीट कर तीन दांत तोड़ने और सिर पर पत्थर मारने का भी आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उसके तीन दांत शादी से पहले ही टूट चुके थे। उसकी मां और पंचायत सदस्य ने भी मारपीट व प्रताड़ना के आरोपों का समर्थन नहीं किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन धारा 498-ए, 325 और 506 के तहत आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। जांच अधिकारी की गवाही भी आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पत्नी को प्रताड़ित करने, दहेज मांगने, पत्थर से चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप साबित न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोर्ट नंबर-2 मंडी ने पति और सास को बरी कर दिया।
महिला थाना भ्यूली में 6 अक्तूबर 2017 को दर्ज एफआईआर में महिला ने पति और सास पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना और दहेज मांगने के आरोप लगाए थे। उसने पति पर मारपीट कर तीन दांत तोड़ने और सिर पर पत्थर मारने का भी आरोप लगाया था।
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सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उसके तीन दांत शादी से पहले ही टूट चुके थे। उसकी मां और पंचायत सदस्य ने भी मारपीट व प्रताड़ना के आरोपों का समर्थन नहीं किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन धारा 498-ए, 325 और 506 के तहत आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। जांच अधिकारी की गवाही भी आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
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