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Mandi News: आरसीएफसी केंद्र बंद होने पर भड़के किसान, प्रदर्शन की चेतावनी
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42 दिन से क्रमिक अनशन जारी, किसानों ने केंद्रीय आयुष विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र (आरसीएफसी) में औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियां बंद होने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रामलीला मैदान में किसानों ने केंद्रीय आयुष विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरु शरण परमार ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में केंद्र का संचालन किया जा रहा था। हिमाचल प्रदेश समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के हजारों किसान इससे जुड़े हैं। केंद्र के माध्यम से उन्नत किस्म के औषधीय पौधों के बीज और नर्सरी उपलब्ध कराने के साथ-साथ अनुसंधान कार्य भी किया जाता था। किसान अजय, मनीष और कमल ने कहा कि केंद्र बंद होने से औषधीय खेती से जुड़े परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। महासचिव अजय ठाकुर और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने बताया कि केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने के विरोध में 42 दिन से क्रमिक अनशन और धरना जारी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र (आरसीएफसी) में औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियां बंद होने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रामलीला मैदान में किसानों ने केंद्रीय आयुष विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरु शरण परमार ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में केंद्र का संचालन किया जा रहा था। हिमाचल प्रदेश समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के हजारों किसान इससे जुड़े हैं। केंद्र के माध्यम से उन्नत किस्म के औषधीय पौधों के बीज और नर्सरी उपलब्ध कराने के साथ-साथ अनुसंधान कार्य भी किया जाता था। किसान अजय, मनीष और कमल ने कहा कि केंद्र बंद होने से औषधीय खेती से जुड़े परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। महासचिव अजय ठाकुर और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने बताया कि केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने के विरोध में 42 दिन से क्रमिक अनशन और धरना जारी है।
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