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Mandi News: एचआरटीसी डिपो करसोग ने शुरू की किराये के कैशलेस भुगतान की सुविधा
Mon, 08 Jul 2024 06:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 08 Jul 2024 06:04 AM IST
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एचआरटीसी डिपो करसोग की एक बस में ऑनलाइन टिकट काटता परिचालक। संवाद
करसोग (मंडी)। प्रदेश सरकार की ओर से एचआरटीसी की बसों में शुरू की गई ऑनलाइन बस किराया भुगतान सुविधा को अब करसोग डिपो में भी लागू हो गई है। इससे निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को बस किराये की अदायगी करना आसान होगा। इसके साथ-साथ, बकाया राशि वापस लेने या फिर खुले पैसों देने की चिक-चिक से भी छुटकारा मिला है।
ऑनलाइन बस किराया भुगतान सुविधा के लिए एचआरटीसी की ओर से करसोग डिपो को लगभग 50 ई-टिकट मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन किराया भुगतान करने की सुविधा है। परिचालकों ने इन मशीनों का प्रयोग करना शुरू भी कर दिया है। इन मशीनों से यात्रियों को कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलने लगी है।
करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक हुमेश कुमार ने बताया कि करसोग से विभिन्न रूटों पर चलने वाली लगभग 50 बसों में ई-टिकट मशीनों के माध्यम से कैशलेस भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इसका यात्री लाभ उठा रहे हैं। यात्री राजकुमार, घनश्याम, परस राम, युवराज आदि ने बताया कि पहले उन्हें अपने साथ पैसे लेकर चलना पड़ता था और कई बार छुटे पैसों के लिए परिचालकों से बहसबाजी भी होती थी। मगर अब बसों में ई-टिकट मशीन से कैशलेस भुगतान होने से इस समस्या से छुटकारा मिल गया है।
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ई-टिकट मशीन पूर्ण रूप से एंड्रायड बेस्ड है, जो आईटीएमएस (इंटेलिजेंट टिकट मशीन सिस्टम) प्रणाली पर आधारित है। इस मशीन में एक सिम कार्ड पोर्ट दिया गया, जिसमें सिम लगाकर मशीन को इंटरनेट से कनेक्ट किया जाता है। इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद मशीन कैशलेस प्रणाली से किए गए भुगतान को स्वीकार करती है। यह मशीनें तेज प्रोसेसिंग के साथ ही अधिक मेमोरी से लैस हैं, जो यात्रियों के लिए ऑनलाइन और कैशलेस भुगतान को और ज्यादा सुविधाजनक बनाती हैं।
परिचालकों को किया जा रहा प्रोत्साहित
प्रोत्साहन के रूप में परिचालक जितना अधिक बस किराया ऑनलाइन भुगतान करवाएगा, उसे साल के अंत में प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपये मूल्य का एक जूसर मिक्सर ग्राइंडर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 3 हजार रुपये का इंडक्शन या प्रेशर कुकर और तृतीय पुरस्कार के रूप में 2 हजार रुपये तक का ट्राॅली बार अथवा सिलिंग फैन प्रदान किया जाएगा।
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ऑनलाइन बस किराया भुगतान सुविधा के लिए एचआरटीसी की ओर से करसोग डिपो को लगभग 50 ई-टिकट मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन किराया भुगतान करने की सुविधा है। परिचालकों ने इन मशीनों का प्रयोग करना शुरू भी कर दिया है। इन मशीनों से यात्रियों को कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलने लगी है।
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करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक हुमेश कुमार ने बताया कि करसोग से विभिन्न रूटों पर चलने वाली लगभग 50 बसों में ई-टिकट मशीनों के माध्यम से कैशलेस भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इसका यात्री लाभ उठा रहे हैं। यात्री राजकुमार, घनश्याम, परस राम, युवराज आदि ने बताया कि पहले उन्हें अपने साथ पैसे लेकर चलना पड़ता था और कई बार छुटे पैसों के लिए परिचालकों से बहसबाजी भी होती थी। मगर अब बसों में ई-टिकट मशीन से कैशलेस भुगतान होने से इस समस्या से छुटकारा मिल गया है।
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ई-टिकट मशीन पूर्ण रूप से एंड्रायड बेस्ड है, जो आईटीएमएस (इंटेलिजेंट टिकट मशीन सिस्टम) प्रणाली पर आधारित है। इस मशीन में एक सिम कार्ड पोर्ट दिया गया, जिसमें सिम लगाकर मशीन को इंटरनेट से कनेक्ट किया जाता है। इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद मशीन कैशलेस प्रणाली से किए गए भुगतान को स्वीकार करती है। यह मशीनें तेज प्रोसेसिंग के साथ ही अधिक मेमोरी से लैस हैं, जो यात्रियों के लिए ऑनलाइन और कैशलेस भुगतान को और ज्यादा सुविधाजनक बनाती हैं।
परिचालकों को किया जा रहा प्रोत्साहित
प्रोत्साहन के रूप में परिचालक जितना अधिक बस किराया ऑनलाइन भुगतान करवाएगा, उसे साल के अंत में प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपये मूल्य का एक जूसर मिक्सर ग्राइंडर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 3 हजार रुपये का इंडक्शन या प्रेशर कुकर और तृतीय पुरस्कार के रूप में 2 हजार रुपये तक का ट्राॅली बार अथवा सिलिंग फैन प्रदान किया जाएगा।