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Mandi News: आंखों के सामने मलबे से भर गए आशियाने, सीटियां बजाकर किया अलर्ट
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बरोट/मुल्थान (मंडी)। मंडी-कांगड़ा सीमा पर स्थित मुल्थान जल विद्युत प्रोजेक्ट की टनल में पानी के भारी रिसाव के बाद मुल्थान बाजार में आठ घंटे तक बाढ़ का तांडव मचा रहा। आठ घंटे के बाद भी पहाड़ी से पानी और मलबा आने का सिलसिला जारी रहा, लेकिन स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के हैसले से यह खतरा टल गया। हालात यह रहे कि ग्रामीणों के आंखों के सामने ही आशियाने और दुकानें मलबे से भर गए लेकिन वे कुछ नहीं कर पाए।
भारी मात्रा मे मलबा और पानी का जलजला आने पर अफरा-तफरा मच गई। 12 हजार क्यूसिक लीटर पानी की क्षमता वाली 4.6 किलोमीटर लंबी टनल से सुबह आठ बजे से शुक्रवार देर शाम तक लगातार पानी बहता रहा। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि यह पानी टनल के अंदर वाला है और खत्म होने के बाद पानी नहीं आएगा।
हालात यह हैं कि मुल्थान बाजार का 400 मीटर का भाग पूरी तरह दलदल में तबदील हो चुका है। यहां चार से पांच फुट तक मलबा भरा हुआ है। आनन-फानन में घरों को मलबे से बचाने के लिए प्रयास भी हुए, लेकिन आगे से घर बचाया तो पीछे की तरफ से पानी और मलबा आना शुरू हो गया। इन्हीं हालातों से जूझते हुए लोगों ने खुद को बाढ़ के बीच सुरक्षित रखा।
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15 मिनट में ही बाजार मलबे में हुआ तब्दील, जैसे-तैसे रेस्क्यू किए लोग
प्रत्यक्षदर्शी मदन ने बताया कि सुबह आठ बजे अचानक बाजार में भारी मात्रा में पानी और मलबा आना शुरू हो गया। देखते ही देखते उनकी दुकान मलबे की चपेट में आ गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी मनोज ने बताया कि सुबह आठ बजे पानी आना शुरू हुआ। मलबे और पानी की मात्रा देख उन्होंने करीब दर्जनभर लोगों को जैसे-तैसे घरों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसी बीच देखते ही देखते 15 मिनट में ही बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। वहीं, एक अन्य मामले में महिलाओं ने सड़क पार कर रहे तीन बच्चों दिनेश, आशीष, मुनीषा को बाढ़ के बीच आनन-फानन में रेस्क्यू किया और उन्हें बहने से बचा लिया।
सीटियां और चिल्लाकर किया अलर्ट, तब बचीं जानें
मुल्थान बाजार की ऊपर की तरफ महिला मंडल की बैठक चल रही थी। इसी बीच एक जोरदार धमाके की आवाज आई। इस दौरान महिलाओं ने पानी का जलजला आता देखकर सीटियां और चिल्लाकर सभी को अलर्ट किया। इस पर अलर्ट हुए लोगों ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार सुबह आठ बजे का समय था और चहलकदमी भी शुरू हो गई थी। गनीमत यह रही कि छुट्टी के चलते बच्चे इस बाजार में नहीं थे अन्यथा बाढ़ के बीच फंस सकते थे।
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भारी मात्रा मे मलबा और पानी का जलजला आने पर अफरा-तफरा मच गई। 12 हजार क्यूसिक लीटर पानी की क्षमता वाली 4.6 किलोमीटर लंबी टनल से सुबह आठ बजे से शुक्रवार देर शाम तक लगातार पानी बहता रहा। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि यह पानी टनल के अंदर वाला है और खत्म होने के बाद पानी नहीं आएगा।
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हालात यह हैं कि मुल्थान बाजार का 400 मीटर का भाग पूरी तरह दलदल में तबदील हो चुका है। यहां चार से पांच फुट तक मलबा भरा हुआ है। आनन-फानन में घरों को मलबे से बचाने के लिए प्रयास भी हुए, लेकिन आगे से घर बचाया तो पीछे की तरफ से पानी और मलबा आना शुरू हो गया। इन्हीं हालातों से जूझते हुए लोगों ने खुद को बाढ़ के बीच सुरक्षित रखा।
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15 मिनट में ही बाजार मलबे में हुआ तब्दील, जैसे-तैसे रेस्क्यू किए लोग
प्रत्यक्षदर्शी मदन ने बताया कि सुबह आठ बजे अचानक बाजार में भारी मात्रा में पानी और मलबा आना शुरू हो गया। देखते ही देखते उनकी दुकान मलबे की चपेट में आ गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी मनोज ने बताया कि सुबह आठ बजे पानी आना शुरू हुआ। मलबे और पानी की मात्रा देख उन्होंने करीब दर्जनभर लोगों को जैसे-तैसे घरों से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसी बीच देखते ही देखते 15 मिनट में ही बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। वहीं, एक अन्य मामले में महिलाओं ने सड़क पार कर रहे तीन बच्चों दिनेश, आशीष, मुनीषा को बाढ़ के बीच आनन-फानन में रेस्क्यू किया और उन्हें बहने से बचा लिया।
सीटियां और चिल्लाकर किया अलर्ट, तब बचीं जानें
मुल्थान बाजार की ऊपर की तरफ महिला मंडल की बैठक चल रही थी। इसी बीच एक जोरदार धमाके की आवाज आई। इस दौरान महिलाओं ने पानी का जलजला आता देखकर सीटियां और चिल्लाकर सभी को अलर्ट किया। इस पर अलर्ट हुए लोगों ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार सुबह आठ बजे का समय था और चहलकदमी भी शुरू हो गई थी। गनीमत यह रही कि छुट्टी के चलते बच्चे इस बाजार में नहीं थे अन्यथा बाढ़ के बीच फंस सकते थे।