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Mandi News: हाईवे पर स्कूल बसों की तेज रफ्तार से बच्चों की सुरक्षा पर संकट
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मंडी-पठानकोट हाईवे पर जोगिंद्रनगर में हादसों के बाद भी नहीं थमी गति
बच्चों के अभिभावकों में बढ़ा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडी–पठानकोट हाईवे पर स्कूल बसों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है। इसके बावजूद पुलिस और संबंधित विभागों की कार्रवाई ढीली बनी हुई है। सरकारी बसों की खस्ताहाल स्थिति में स्कूली विद्यार्थियों को यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की माइलेज पूरी कर चुकी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी जा रही हैं और नियमों को दरकिनार कर स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है। कुछ बसों की बीमा अवधि समाप्त होने के बावजूद उनका संचालन जारी है। वहीं, निजी स्कूल बसों में भी बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाने और घर छोड़ने की जल्दबाजी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
अभिभावकों रविंद्र, समीर, कुलदीप, बीना और शंकुतला ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर निगम की बसों के खिलाफ ठोस कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही निजी स्कूल बसों पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
जोगिंद्रनगर क्षेत्र में 60 से अधिक निजी और सरकारी बसों में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी सफर करते हैं। कई स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है। सड़क हादसों में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की सुविधाएं भी अधूरी हैं। सीसीटीवी निगरानी के दावे भी जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रहे हैं।
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पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि हाईवे पर स्कूल बसों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर प्रशासन की कड़ी नजर है।
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बच्चों के अभिभावकों में बढ़ा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडी–पठानकोट हाईवे पर स्कूल बसों की तेज रफ्तार लगातार हादसों का कारण बन रही है। इसके बावजूद पुलिस और संबंधित विभागों की कार्रवाई ढीली बनी हुई है। सरकारी बसों की खस्ताहाल स्थिति में स्कूली विद्यार्थियों को यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की माइलेज पूरी कर चुकी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी जा रही हैं और नियमों को दरकिनार कर स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है। कुछ बसों की बीमा अवधि समाप्त होने के बावजूद उनका संचालन जारी है। वहीं, निजी स्कूल बसों में भी बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाने और घर छोड़ने की जल्दबाजी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
अभिभावकों रविंद्र, समीर, कुलदीप, बीना और शंकुतला ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर निगम की बसों के खिलाफ ठोस कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही निजी स्कूल बसों पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
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जोगिंद्रनगर क्षेत्र में 60 से अधिक निजी और सरकारी बसों में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी सफर करते हैं। कई स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है। सड़क हादसों में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की सुविधाएं भी अधूरी हैं। सीसीटीवी निगरानी के दावे भी जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रहे हैं।
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पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि हाईवे पर स्कूल बसों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर प्रशासन की कड़ी नजर है।