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दर्जनों संपर्क सड़कें बाधित, करसोग-शिमला सड़क बहाल
मंडी
Updated Sun, 08 Jan 2017 08:26 PM IST
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करसोग क्षेत्र के बखरौट में बर्फबारी में फंसे वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी/पांगाणा/बालीचौकी/करसोग। बर्फबारी के एक दिन बाद भी जिला के ऊपरी क्षेत्रों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। जहां एक ओर बारिश और बर्फबारी से किसानों व बागवानों को राहत मिली है, वहीं यातायात, बिजली, पानी की समस्या के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। जिला के ऊपरी क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है। हालांकि, रविवार देरशाम तक करसोग-शिमला तक सड़क को बहाल कर दिया गया है। यह सड़क चिंडी, चुराग, बखरौट व धरमौड़ में भारी बर्फबारी के चलते बाधित हो गई थी।
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बर्फबारी के चलते उपमंडल गोहर, जंजैहली व करसोग में प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।
एचआरटीसी व निजी ऑपरेटरों की दो दर्जन के लगभग बसें जिला के ऊपरी व दुर्गम क्षेत्रों में फंसी हुई हैं। इन्हें अभी तक निकाला नहीं जा सका है। अकेले मंडी डिपो की 15 बसें विभिन्न रूटों पर फंस गई हैं। उपमंडल गोहर व जंजैहली के तहत डडौर-ततापानी, चैल-जंजैहली, कोट-देवीदहड़, जंजैहली-छतरी, लंबाथाच-कुल्थनी समेत दर्जनों संपर्क सड़के बहाल नहीं हो सकी हैं। जंजैहली, सराची, कुल्थनी सहित कई संपर्क मार्गों पर निगम व निजी बस ऑपरेटरों की बसे फंस गई हैं। सराज घाटी के स्पेहणी धार, चुंजवाला धार, बडा कांढ़ा, शैटा धार, थाची, खुहण, कमैडा धार में भारी बर्फबारी से दर्जनों संपर्क मार्ग बहाल नहीं हो सके हैं।
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बालीचौकी से थाची, सुधरानी थाटा, लंबाथाच कहलणी, बालीचौकी गाड़ागुसैणी, घाट सहित कई बस रूट ठप हैं। सराज घाटी के सराची में परिवहन निगम की एक बस फंस गई है। थाची क्षेत्र के बागवान हीरा सिंह, दिले राम, संगत राम आदि ने बताया कि समय पर बर्फबारी होने से सेब में होने वाली कई बीमारियों से बचाने के साथ सेब को भी पर्याप्त पानी मिलेगा। जिससे सेब की अच्छी फसल होने की संभावना रहती है। आरएम मंडी विनोद कुमार ने कहा कि डिपो की 15 बसें विभिन्न रूटों पर फंस गई हैं। इनमें से तीन बसें शिमला में फंसी हुई थी। जिन्हें निकाल लिया गया है। इसके अलावा अभी भी एक दर्जन बसें विभिन्न रूटों पर फंसी हुई हैं। जंजैहली, कुल्थनी, बरोट, सुधार, रोहांडा, सहित कई रूटों पर बसें फंसी हैं।
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