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Mandi News: सर्दियों में दिल की देखभाल जरूरी, बरतें एहतियात
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नेरचौक (मंडी)। सर्दियों का मौसम दिल के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। तापमान गिरने के साथ हृदय रोग से पीड़ित मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हृदय रोगियों और उनके परिजनों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनी कुमार ने बताया कि ठंड का असर सीधे रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है, जिससे वे सिकुड़ने लगती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है। यह स्थिति दिल के मरीजों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है।
उन्होंने मरीजों को सलाह देते हुए कहा कि इस मौसम में ठंड से बचाव सबसे जरूरी है। इसके लिए गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें। टोपी, जुराबें और दस्ताने जरूर लगाएं। अत्यधिक ठंड में बाहर जाने से बचें और सुबह-शाम हल्का व्यायाम घर पर ही करें।
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डॉ. सोनी ने बताया कि हृदय रोग के मरीज अपने नियमित दवाओं का सेवन, कम नमक, चीनी और वसा वाला संतुलित आहार लें। अधिक फल और सब्जियां खाएं तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी न होने दें। गर्म पानी, सूप और हर्बल चाय का सेवन लाभदायक है।
उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीज अपने ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच घर पर ही करें। डॉ. सोनी ने विशेष रूप से धूम्रपान और शराब से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, सांस फूलना, जबड़े या बांह में दर्द, मतली, अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह दिल के दौरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बताया कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20-25 हृदय रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। परिजनों को चाहिए कि हृदय रोगियों का विशेष ध्यान रखें।
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श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनी कुमार ने बताया कि ठंड का असर सीधे रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है, जिससे वे सिकुड़ने लगती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है। यह स्थिति दिल के मरीजों के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है।
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उन्होंने मरीजों को सलाह देते हुए कहा कि इस मौसम में ठंड से बचाव सबसे जरूरी है। इसके लिए गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें। टोपी, जुराबें और दस्ताने जरूर लगाएं। अत्यधिक ठंड में बाहर जाने से बचें और सुबह-शाम हल्का व्यायाम घर पर ही करें।
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डॉ. सोनी ने बताया कि हृदय रोग के मरीज अपने नियमित दवाओं का सेवन, कम नमक, चीनी और वसा वाला संतुलित आहार लें। अधिक फल और सब्जियां खाएं तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी न होने दें। गर्म पानी, सूप और हर्बल चाय का सेवन लाभदायक है।
उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीज अपने ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच घर पर ही करें। डॉ. सोनी ने विशेष रूप से धूम्रपान और शराब से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, सांस फूलना, जबड़े या बांह में दर्द, मतली, अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह दिल के दौरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बताया कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20-25 हृदय रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। परिजनों को चाहिए कि हृदय रोगियों का विशेष ध्यान रखें।
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