सुंदरनगर (मंडी)। हराबाग बगीचे के संभावित हस्तांतरण को लेकर सोमवार को हराबाग बचाओ संघर्ष समिति ने एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी को एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने स्पष्ट किया कि हराबाग केवल एक बगीचा नहीं, बल्कि यह स्थानीय पहचान, किसानों की सुविधा, क्षेत्रीय आजीविका और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
यदि इस भूमि को किसी निजी व्यक्ति या संस्था को सौंपा गया तो यह जनभावनाओं और जनहित के विरुद्ध होगा। एसडीएम सुंदरनगर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वर्तमान में सरकार की ओर से केवल जानकारी एकत्र की जा रही है। कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। संघर्ष समिति ने आग्रह किया कि यदि भविष्य में कोई निर्णय लिया जाता है तो उससे पूर्व स्थानीय जनता की राय अवश्य ली जाए। संवाद