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घंटों नदारद रहने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करे सरकार : भूपेंद्र
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धर्मपुर (मंडी)। जालंधर-मंडी एनएच निर्माण से हो रहे नुकसान के विरोध में निर्माता कंपनी और प्रशासन के खिलाफ प्रभावितों की ओर से प्रदर्शन करने पर केस दर्ज करने का मजदूर संगठनों और अन्य ने कड़ा विरोध जताया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने सरकाघाट प्रशासन और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा की है। दर्ज किए गए मामले को खारिज करने की मांग उठाई है। ऐसा न करने पर एनएच प्रभावित लोग सरकाघाट प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और न्यायालय का रुख करेंगे।
किसान सभा के अध्यक्ष रणताज राणा, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति के पूर्ण चंद, अमृत लाल, बृजलाल, सरिता, लश्करी राम, प्रभावितों जगदीश, सोहन सिंह, श्रवण कुमार आदि ने एसडीएम सरकाघाट को कई बार मांगपत्र दिए। प्रशासन और कंपनी ने कोई ध्यान नहीं दिया, न ही कोई सार्थक कदम उठाए। बाद में 26 मई को पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह के माध्यम से एसडीएम, डीएसपी और थाना प्रभारी सरकाघाट और 27 मई को परसदा में प्रदर्शन की सूचना दी थी।
सूचना देने के बाद भी 27 मई को सरकाघाट प्रशासन और पुलिस का कोई कर्मचारी तीन घंटे तक प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा। इसके बाद केवल तहसीलदार मौके पर पहुंचे। भूपेंद्र ने कहा कि स्थानीय लोगों ने 10 बजे प्रदर्शन रखा था, लेकिन 3 घंटे तक जिम्मेदार अधिकारी नहीं आए तो लोग भड़क गए। कुछ देर सड़क पर नारे लगाए। प्रशासन के पहुंचने और हस्तक्षेप करने पर प्रदर्शनकारी चले गए7 बाद में पुलिस और डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज कर दिया।
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कहा कि घंटों नदारद रहने वाले अधिकारियों पर प्रदेश सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि एनएच निर्माण से हो रहे नुकसान के विरोध में प्रभावित परिवारों ने दो दिन पहले हिमाचल किसान सभा, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति आदि के सहयोग से दमसेहड़ा में निर्माण कंपनी और सरकाघाट प्रशासन ने खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसे लेकर प्रशासन ने प्रभावितों पर मुकद्दमे दर्ज किए हैं। संवाद
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किसान सभा के अध्यक्ष रणताज राणा, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति के पूर्ण चंद, अमृत लाल, बृजलाल, सरिता, लश्करी राम, प्रभावितों जगदीश, सोहन सिंह, श्रवण कुमार आदि ने एसडीएम सरकाघाट को कई बार मांगपत्र दिए। प्रशासन और कंपनी ने कोई ध्यान नहीं दिया, न ही कोई सार्थक कदम उठाए। बाद में 26 मई को पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह के माध्यम से एसडीएम, डीएसपी और थाना प्रभारी सरकाघाट और 27 मई को परसदा में प्रदर्शन की सूचना दी थी।
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सूचना देने के बाद भी 27 मई को सरकाघाट प्रशासन और पुलिस का कोई कर्मचारी तीन घंटे तक प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा। इसके बाद केवल तहसीलदार मौके पर पहुंचे। भूपेंद्र ने कहा कि स्थानीय लोगों ने 10 बजे प्रदर्शन रखा था, लेकिन 3 घंटे तक जिम्मेदार अधिकारी नहीं आए तो लोग भड़क गए। कुछ देर सड़क पर नारे लगाए। प्रशासन के पहुंचने और हस्तक्षेप करने पर प्रदर्शनकारी चले गए7 बाद में पुलिस और डीएसपी ने प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज कर दिया।
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कहा कि घंटों नदारद रहने वाले अधिकारियों पर प्रदेश सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि एनएच निर्माण से हो रहे नुकसान के विरोध में प्रभावित परिवारों ने दो दिन पहले हिमाचल किसान सभा, एनएच प्रभावित संघर्ष समिति आदि के सहयोग से दमसेहड़ा में निर्माण कंपनी और सरकाघाट प्रशासन ने खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसे लेकर प्रशासन ने प्रभावितों पर मुकद्दमे दर्ज किए हैं। संवाद