{"_id":"67fcfc4cfcd55085cd05f1a4","slug":"government-should-reinstate-the-removed-teacher-of-drang-school-mandi-news-c-90-1-ssml1045-153323-2025-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: द्रंग स्कूल के हटाए शिक्षक को बहाल करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: द्रंग स्कूल के हटाए शिक्षक को बहाल करे सरकार
विज्ञापन
पधर (मंडी)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रंग में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की एक विशेष बैठक समिति के प्रधान लोकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें युक्तिकरण के माध्यम से विद्यालय से हटाए टीजीटी नॉन मेडिकल पद को लेकर गहन चर्चा की गई। पारित प्रस्ताव में जिला उपनिदेशक शिक्षा मंडी और निदेशक स्कूल शिक्षा शिमला से अनुरोध किया गया कि उक्त पद को विद्यालय में यथावत बनाए रखा जाए। समिति ने मांग उठाई कि युक्तिकरण आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती रहे।
समिति ने बताया कि यह विद्यालय द्रंग विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना है। स्कूल में वर्ष 2005 से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में छठी से दसवीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 300 से अधिक है। अंग्रेजी माध्यम होने के चलते प्रत्येक कक्षा को दो अनुभागों में विभाजित किया गया है, जिससे दो टीजीटी नॉन मेडिकल पदों की आवश्यकता रहती है।
बताया कि जिस अध्यापक का युक्तिकरण हुआ है, वह एनसीसी अधिकारी भी हैं। विद्यालय में एनसीसी यूनिट वर्षों से संचालित है, जिससे छात्रों को अनुशासन और नेतृत्व के अवसर प्राप्त होते हैं। ऐसे में छात्रों की संख्या और एनसीसी गतिविधियों को देखते हुए पद को बहाल किया जाना आवश्यक है। एसएमसी ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि विद्यालय की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए युक्तिकरण आदेश पर पुनर्विचार किया जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति ने बताया कि यह विद्यालय द्रंग विधानसभा क्षेत्र का सबसे पुराना है। स्कूल में वर्ष 2005 से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में छठी से दसवीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 300 से अधिक है। अंग्रेजी माध्यम होने के चलते प्रत्येक कक्षा को दो अनुभागों में विभाजित किया गया है, जिससे दो टीजीटी नॉन मेडिकल पदों की आवश्यकता रहती है।
विज्ञापन
बताया कि जिस अध्यापक का युक्तिकरण हुआ है, वह एनसीसी अधिकारी भी हैं। विद्यालय में एनसीसी यूनिट वर्षों से संचालित है, जिससे छात्रों को अनुशासन और नेतृत्व के अवसर प्राप्त होते हैं। ऐसे में छात्रों की संख्या और एनसीसी गतिविधियों को देखते हुए पद को बहाल किया जाना आवश्यक है। एसएमसी ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि विद्यालय की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए युक्तिकरण आदेश पर पुनर्विचार किया जाए। संवाद
विज्ञापन