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सेवा शर्तें विधेयक पर पुनर्विचार करे सरकार : रमेश
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ड्राफ्ट्समैन एसोसिएशन ने कहा, प्रदेश के हजारों कर्मचारी होंगे प्रभावित, सीएम को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बग्गी (मंडी)। कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक कर्मचारी विरोधी है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश ड्राफ्ट्समैन एसोसिएशन ने यह आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से किया है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में ऐसे बहुत से कर्मचारी हैं जो विभागों में देरी से आए हैं। अनुबंध सेवा काल की वरिष्ठता को जोड़कर ही इन कर्मचारियों को पेंशन और पदोन्नति का लाभ मिल पाएगा। इस विधेयक के पास होने से हजारों कर्मचारी पेंशन और पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे। एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रदेश में कार्यरत उन सभी कर्मचारियों को पेंशन के दायरे में लाने के लिए विधेयक लाना चाहिए, जिनकी 10 साल से कम नियमित सेवा बनती है। प्रदेश में बहुत से ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें विभागों में कई सालों से रिक्त पद होने के बावजूद देरी से सरकारी नौकरी मिली। ड्राफ्ट्समैन एसोसिएशन ने ऐसे कर्मचारियों को भी पेंशन के दायरे में लाने की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर विधानसभा में लाए गए कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक पर कर्मचारी हित में पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों के हितैषी रहे हैं और इन्होंने पेंशन को सामाजिक सुरक्षा का नाम देकर प्रदेश के हर कर्मचारी को इसके दायरे में लाने की बात भी कही थी। इसलिए प्रदेश सरकार को ऐसा विधेयक लाना चाहिए जिससे प्रदेश का हर कर्मचारी पेंशन के दायरे में आ सके।
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बग्गी (मंडी)। कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक कर्मचारी विरोधी है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश ड्राफ्ट्समैन एसोसिएशन ने यह आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से किया है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में ऐसे बहुत से कर्मचारी हैं जो विभागों में देरी से आए हैं। अनुबंध सेवा काल की वरिष्ठता को जोड़कर ही इन कर्मचारियों को पेंशन और पदोन्नति का लाभ मिल पाएगा। इस विधेयक के पास होने से हजारों कर्मचारी पेंशन और पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे। एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रदेश में कार्यरत उन सभी कर्मचारियों को पेंशन के दायरे में लाने के लिए विधेयक लाना चाहिए, जिनकी 10 साल से कम नियमित सेवा बनती है। प्रदेश में बहुत से ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें विभागों में कई सालों से रिक्त पद होने के बावजूद देरी से सरकारी नौकरी मिली। ड्राफ्ट्समैन एसोसिएशन ने ऐसे कर्मचारियों को भी पेंशन के दायरे में लाने की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है।
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एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर विधानसभा में लाए गए कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक पर कर्मचारी हित में पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों के हितैषी रहे हैं और इन्होंने पेंशन को सामाजिक सुरक्षा का नाम देकर प्रदेश के हर कर्मचारी को इसके दायरे में लाने की बात भी कही थी। इसलिए प्रदेश सरकार को ऐसा विधेयक लाना चाहिए जिससे प्रदेश का हर कर्मचारी पेंशन के दायरे में आ सके।
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