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Mandi News: प्रवासी बच्चों से गुलजार हुए सुंदरनगर के सरकारी स्कूल
Sat, 09 May 2026 12:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 09 May 2026 12:20 AM IST
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सुंदरनगर के 13 स्कूलों में 45 से 95 प्रतिशत छात्रों की संख्या प्रवासी बच्चों की
कई स्कूलों का अस्तित्व इन्हीं बच्चों पर टिका
देवेंद्र गुप्ता
सुंदरनगर (मंडी)। शिक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश करते हुए सुंदरनगर क्षेत्र में बसे प्रवासी परिवार अपने बच्चों को बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों में शिक्षा दिला रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा खंड सुंदरनगर के 75 स्कूलों में से 13 ऐसे हैं, जहां 45 से 95 प्रतिशत तक छात्र प्रवासी परिवारों से हैं। इन बच्चों की संख्या के कारण ही कई स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
सुंदरनगर शहर के राजकीय प्राथमिक पाठशाला आंबेडकर नगर में कुल 29 छात्रों में से 27 बच्चे प्रवासी परिवारों के हैं। वहीं भौं स्कूल में 112 में से 106, भोजपुर में 80 में से 60 और पुराना बाजार स्कूल में 78 में से 62 बच्चे प्रवासी परिवारों से संबंधित हैं। इसके अलावा कलौहड़, बाहोट, बनायक, पुंघ, भंतरेहड़, अलसू और चांगर कॉलोनी सहित कई स्कूलों में भी प्रवासी बच्चों की संख्या अधिक है। संवाद
कोट
इन प्राथमिक स्कूलों में प्रवासी बच्चों की वजह से ही पठन पाठन का कार्य चला हुआ है । ये प्रवासी बच्चे इन स्कूलों से शिक्षित होने के साथ शिक्षा के महत्व को समझ रहे हैं। जबकि इनके माता-पिता मेहनत मजदूरी कर इन्हें पढ़ने भेज रहे हैं। कई स्कूल इन प्रवासी बच्चों की संख्या से चले हुए हैं।
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प्रदीप कुमार, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सुंदरनगर
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कई स्कूलों का अस्तित्व इन्हीं बच्चों पर टिका
देवेंद्र गुप्ता
सुंदरनगर (मंडी)। शिक्षा के प्रति जागरूकता का उदाहरण पेश करते हुए सुंदरनगर क्षेत्र में बसे प्रवासी परिवार अपने बच्चों को बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों में शिक्षा दिला रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा खंड सुंदरनगर के 75 स्कूलों में से 13 ऐसे हैं, जहां 45 से 95 प्रतिशत तक छात्र प्रवासी परिवारों से हैं। इन बच्चों की संख्या के कारण ही कई स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।
सुंदरनगर शहर के राजकीय प्राथमिक पाठशाला आंबेडकर नगर में कुल 29 छात्रों में से 27 बच्चे प्रवासी परिवारों के हैं। वहीं भौं स्कूल में 112 में से 106, भोजपुर में 80 में से 60 और पुराना बाजार स्कूल में 78 में से 62 बच्चे प्रवासी परिवारों से संबंधित हैं। इसके अलावा कलौहड़, बाहोट, बनायक, पुंघ, भंतरेहड़, अलसू और चांगर कॉलोनी सहित कई स्कूलों में भी प्रवासी बच्चों की संख्या अधिक है। संवाद
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कोट
इन प्राथमिक स्कूलों में प्रवासी बच्चों की वजह से ही पठन पाठन का कार्य चला हुआ है । ये प्रवासी बच्चे इन स्कूलों से शिक्षित होने के साथ शिक्षा के महत्व को समझ रहे हैं। जबकि इनके माता-पिता मेहनत मजदूरी कर इन्हें पढ़ने भेज रहे हैं। कई स्कूल इन प्रवासी बच्चों की संख्या से चले हुए हैं।
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प्रदीप कुमार, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सुंदरनगर