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Mandi News: सरकार गई भूल, टेंट में स्कूल, बच्चे टाट पर बैठने को मजबूर
Wed, 06 Dec 2023 06:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 06 Dec 2023 06:20 AM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागी कटौला का टैंट में चल रहा स्कूल संवाद
कटौला (मंडी)। उतरशाल क्षेत्र में जुलाई और अगस्त में आई आपदा के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बागी और केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला बागी के भवनों का नामोनिशान मिट गया था। अब दोनों स्कूल टेंट में ही चल रहे हैं। सरकार और प्रशासन स्कूल भवनों का निर्माण करना शायद भूल गए हैं, इसी कारण विद्यार्थी कड़ाके की ठंड के बीच जमीन में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनसुार बागी स्थित दोनों सरकारी स्कूलों के भवनों का नामोनिशान मिटने के बाद यहां शासन और प्रशासन के नुमाइंदे पहुंचे और कई बड़े आश्वासन दिए। वर्तमान में आपदा के करीब पांच माह गुजरने के बावजूद यहां धरातल पर कुछ नहीं हो पाया है। पाठशाला वर्तमान लोगों के खेतों में तिरपाल के नीचे चलाई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां एक कंपनी ने खुद ही सीएसआर के तहत शेड बनाने की हामी भरी थी, लेकिन अभी तक कंपनी की ओर से भी यहां कुछ नहीं हो पाया है, जबकि कड़ाके की ठंड में बच्चे ठिठुरने को मजबूर हैं, जबकि सुविधाओं के अभाव में पिछले चार महीने से बच्चों को मिड-डे मील भी नहीं मिल पा रहा है।
एसएमसी प्रधान चरण सिंह ने बताया कि पाठशाला दूरदराज क्षेत्र में पड़ती है और यहां के छात्र अति दुर्गम इलाकों से शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। उन्होंने बताया कि मौसम खराब और बारिश होने से बच्चों को शिक्षा सही से नहीं मिल पा रही है। प्राथमिक पाठशाला में 130 और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 165 बच्चों की संख्या है। कहा कि प्रशासन यहां काम नहीं कर रहा है, क्योंकि यहां पर एक कंपनी ने शेड बनाने के लिए वायदा किया था। उन्होंने प्रशासन और सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बागी पाठशाला की हालत जल्द सुधारी जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई सामने न आए।
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मामला ध्यान में है। एक कंपनी ने सीएसआर के तहत यहां शेड बनाने की हामी भरी है। जल्द इस संबंध में कंपनी सीएसआर फंड जारी कर कार्य करेगी।
-ओमकांत ठाकुर, एसडीएम सदर मंडी
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जानकारी के अनसुार बागी स्थित दोनों सरकारी स्कूलों के भवनों का नामोनिशान मिटने के बाद यहां शासन और प्रशासन के नुमाइंदे पहुंचे और कई बड़े आश्वासन दिए। वर्तमान में आपदा के करीब पांच माह गुजरने के बावजूद यहां धरातल पर कुछ नहीं हो पाया है। पाठशाला वर्तमान लोगों के खेतों में तिरपाल के नीचे चलाई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां एक कंपनी ने खुद ही सीएसआर के तहत शेड बनाने की हामी भरी थी, लेकिन अभी तक कंपनी की ओर से भी यहां कुछ नहीं हो पाया है, जबकि कड़ाके की ठंड में बच्चे ठिठुरने को मजबूर हैं, जबकि सुविधाओं के अभाव में पिछले चार महीने से बच्चों को मिड-डे मील भी नहीं मिल पा रहा है।
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एसएमसी प्रधान चरण सिंह ने बताया कि पाठशाला दूरदराज क्षेत्र में पड़ती है और यहां के छात्र अति दुर्गम इलाकों से शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। उन्होंने बताया कि मौसम खराब और बारिश होने से बच्चों को शिक्षा सही से नहीं मिल पा रही है। प्राथमिक पाठशाला में 130 और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 165 बच्चों की संख्या है। कहा कि प्रशासन यहां काम नहीं कर रहा है, क्योंकि यहां पर एक कंपनी ने शेड बनाने के लिए वायदा किया था। उन्होंने प्रशासन और सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बागी पाठशाला की हालत जल्द सुधारी जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई सामने न आए।
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मामला ध्यान में है। एक कंपनी ने सीएसआर के तहत यहां शेड बनाने की हामी भरी है। जल्द इस संबंध में कंपनी सीएसआर फंड जारी कर कार्य करेगी।
-ओमकांत ठाकुर, एसडीएम सदर मंडी