{"_id":"6849c77606f73848fc0342f4","slug":"four-panchayats-of-nagwain-ward-should-not-be-included-in-thatchi-ward-mandi-news-c-90-1-ssml1045-158927-2025-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: नगवाईं वार्ड की चार पंचायतों को थाची वार्ड में न किया जाए शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: नगवाईं वार्ड की चार पंचायतों को थाची वार्ड में न किया जाए शामिल
Thu, 12 Jun 2025 05:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 12 Jun 2025 05:43 AM IST
विज्ञापन
पंडोह (मंडी)। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और जिला परिषद वार्ड थाची के तहत आने वाले लोगों ने डीसी मंडी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपकर नगवाईं वार्ड की चार पंचायतों को थाची वार्ड में शामिल न करने की गुहार लगाई है। पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि थाची वार्ड सराज विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है जबकि नगवाईं वार्ड द्रंग विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। दोनों क्षेत्र आमने-सामने जरूर हैं, लेकिन दोनों की परिस्थितियां भिन्न हैं।
द्रंग क्षेत्र के नगवाईं वार्ड की चार पंचायतों को सराज क्षेत्र के थाची वार्ड में मिलाने से इन चार पंचायतों के लोगों को भविष्य में कभी भी प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलेगा। यह चार पंचायतें हमेशा ही थाची वार्ड में अल्पमत में रहेंगी। यदि थाची वार्ड में द्रंग क्षेत्र की पंचायतों को शामिल करना ही है तो इसमें बराबर की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अभी थाची वार्ड में 13 पंचायतें हैं जबकि नगवाईं वार्ड में 21 पंचायतें आती हैं। थाची वार्ड में आधी संख्या में नगवाईं वार्ड की पंचायतों को जोड़ने से ही बराबर की भागीदारी सुनिश्चित हो पाएगी। जवाहर ठाकुर ने डीसी मंडी से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
बता दें कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र का इलाका स्नोर और सराज विधानसभा क्षेत्र का बालीचौकी वाला इलाका ब्यास नदी के आमने-सामने बसा है। यहां का रहन-सहन और वेशभूषा तो एक जैसी ही है लेकिन राजनीतिक तौर पर यह दोनों ही क्षेत्र एक-दूसरे से भिन्न हैं। यही कारण है कि जिला परिषद वार्ड में एक क्षेत्र की सिर्फ चार पंचायतों को शामिल किए जाने से भविष्य की राजनीति के कई समीकरण बन और बिगड़ सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
द्रंग क्षेत्र के नगवाईं वार्ड की चार पंचायतों को सराज क्षेत्र के थाची वार्ड में मिलाने से इन चार पंचायतों के लोगों को भविष्य में कभी भी प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलेगा। यह चार पंचायतें हमेशा ही थाची वार्ड में अल्पमत में रहेंगी। यदि थाची वार्ड में द्रंग क्षेत्र की पंचायतों को शामिल करना ही है तो इसमें बराबर की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अभी थाची वार्ड में 13 पंचायतें हैं जबकि नगवाईं वार्ड में 21 पंचायतें आती हैं। थाची वार्ड में आधी संख्या में नगवाईं वार्ड की पंचायतों को जोड़ने से ही बराबर की भागीदारी सुनिश्चित हो पाएगी। जवाहर ठाकुर ने डीसी मंडी से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
बता दें कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र का इलाका स्नोर और सराज विधानसभा क्षेत्र का बालीचौकी वाला इलाका ब्यास नदी के आमने-सामने बसा है। यहां का रहन-सहन और वेशभूषा तो एक जैसी ही है लेकिन राजनीतिक तौर पर यह दोनों ही क्षेत्र एक-दूसरे से भिन्न हैं। यही कारण है कि जिला परिषद वार्ड में एक क्षेत्र की सिर्फ चार पंचायतों को शामिल किए जाने से भविष्य की राजनीति के कई समीकरण बन और बिगड़ सकते हैं।
विज्ञापन