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Mandi News: पूर्व सैनिक बोले, पाकिस्तान पर नहीं भरोसा, हम सभी एकजुट

Sun, 11 May 2025 12:07 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 11 May 2025 12:07 AM IST
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Former soldiers said, we don't trust Pakistan, we are all united
मंडी/सुंदरनगर/सरकाघाट। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी है लेकिन देश के पूर्व सैनिकों को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है।
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पूर्व सैनिकों का कहना है कि पाकिस्तान हर बार झूठ बोलता है। भारत कभी किसी देश के खिलाफ आक्रामक तरीके से काम नहीं करता, भारत की नीति बहुत स्पष्ट है। हालांकि पाकिस्तान के कायराना हमलों का जवाब देने के लिए मंडी के पूर्व सैनिक भी एकजुट हो गए थे।
कारगिल युद्ध में साहस का परचम लहरा चुके पूर्व सैनिकों का कहना है कि उन्होंने हथियार चलाना छोड़े हैं लेकिन भूले नहीं हैं। पूर्व सैनिकों ने चिंता जताते हुए कहा कि पहली बार कुछ सोशल मीडिया संस्थान टीआरपी के लिए झूठी खबरें, अफवाह फैला रहे हैं। इस समय सिर्फ सरकार की गाइड लाइन, आदेश और सूचना के आधार पर रिपोर्टिंग होनी चाहिए।
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यह समय जिम्मेदारी वाला है। हम सभी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अगर माहौल खराब होता है तो पूर्व सैनिक सीमा पर जाने के लिए तैयार हैं। देश सुरक्षित होगा तभी सभी सुरक्षित रहेंगे।
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-कैप्टन (सेवानिवृत्त) रघबीर सिंह रसैण, निवासी सरकाघाट

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सीजफायर पर सहमति बनने का स्वागत है लेकिन पाकिस्तान पर अभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान कभी भी दगा दे सकता है।
-रमेश ठाकुर, पूर्व सैनिक सुंदरनगर
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राजनीतिक तौर पर समझौता हो गया, अच्छी बात है लेकिन अमेरिका को भरोसा दिलवाना होगा कि भविष्य में पाकिस्तान फिर ऐसी वारदात न करे।
-गोपाल शर्मा, सूबेदार (सेवानिवृत्त) सुंदरनगर

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देश की सेना पर पूरा भरोसा है। पहले भी पाकिस्तान को धूल चटाई है। अगर आने वाले दिनों में हालात खराब होते हैं तो प्रदेश का हर जवान इस मुसीबत में सेना का साथ निभाने को तैयार है।

-सूबेदार मेजर ऑर्डिनरी कैप्टन (सेवानिवृत्त) प्यार चंद बन्याल, निवासी खरोह सरकाघाट

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बेशक सेवानिवृत्त हो चुका हूं लेकिन लड़ाई लड़ने का जज्बा अभी भी बरकरार है। अगर सरकार जरूरत समझती है कि तो युद्ध में लड़ने के लिए वह तैयार हैं। -कैप्टन (सेवानिवृत्त) रमेश तपवाल, निवासी टिहरा


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मैंने नौ महीने ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय सेना का अन्न जल खाया है। अगर युद्ध के समय देश की रक्षा करने का सौभाग्य मिला तो सीमा पर जाकर जंग जरूर लड़ूंगा। हमने हथियार चलाने छोड़े हैं लेकिन भूले नहीं हैं।

-रमेश ठाकुर, पूर्व सैनिक सुंदरनगर
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