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Mandi News: शैटाधार के जंगल में आग के बाद वन विभाग सतर्क

Sun, 01 Mar 2026 07:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 07:22 PM IST
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Forest department alert after fire in Shaitadhar forest
15 अप्रैल से शुरू होगा फायर सीजन, विभाग ने पूरी की तैयारियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। शैटाधार जंगल में आग लगने की घटना के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। शनिवार को चेत के समीप रेशथाच पोखरी और कुड़ीनाल में लगी आग पर वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से देर रात काबू पाया। आग से लगभग तीन हजार देवदार, अखरोट और खनोर के पेड़ जलकर राख हो गए हैं। फायर सीजन 15 अप्रैल से शुरू होता है, लेकिन डीएफओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अभी से अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जंगलों को आग से बचाने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। योजना में जोखिम आकलन, सूक्ष्म योजना, नियंत्रित दहन द्वारा सूखी घास का ईंधन कम करना, फायर लाइन चौड़ीकरण, झाड़ियों की सफाई और अतिरिक्त अग्नि अवरोध निर्माण जैसे निवारक उपाय शामिल हैं।

फायर सीजन के दौरान नाचन वन मंडल में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां 15 अप्रैल से 30 जून तक रद्द रहेंगी। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही कर्मचारी उच्चाधिकारी से अनुमति लेकर छुट्टी ले पाएंगे। अन्य कारणों के लिए छुट्टी नहीं दी जाएगी। नाचन वन मंडल में कुल 638 वर्ग किलोमीटर जंगल फैले हुए हैं। यह मंडल सराज, नाचन, थाची और पंडोह रेंज में बंटा हुआ है। यहां देवदार, चीड़, कायल, बान सहित विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे पाए जाते हैं। वन मंडल का 20 प्रतिशत जंगल अति संवेदनशील, 50 प्रतिशत संवेदनशील और 30 प्रतिशत कम संवेदनशील माना जाता है। डीएफओ नाचन सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि फायर सीजन में आग से जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग पूरी तरह तैयार है। खंड स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है, जो निरंतर पेट्रोलिंग करेंगी। जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की जाएगी। कानून के अनुसार वन में आग लगाने पर दो वर्ष तक की कैद या पांच हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। इमारती लकड़ी के लिए मिलने वाली टीडी भी नहीं मिलेगी। आगजनी करने पर दो साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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