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Mandi News: देवी-देवताओं पर जगह-जगह फूलाें की बारिश, बूंदाबांदी के बीच झूमते रहे देवलू पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों से देवमय हो गई छोटी काशी, उत्साह के साथ पड्डल मैदान पहुंची जलेब
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अलौलिक नजारे को देखने के लिए उमड़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। तेज धूप के बीच वाद्य यंत्रों की गूंज और देवी-देवताओं का आगमन। राज देवता माधोराय के दरबार के बार देवलुओं की नाटी और उनके साथ झूमते हुए सोने चांदी के रथों में विराजमान देवी-देवता। पगड़ियाें में सज धजकर राज देवता माधोराय के दरबार से निकले गण्यमान्य। कुछ ऐसा ही अलौलिक नजारा अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की दूसरी व मध्य जलेब में देखने को मिला।
दिन मंगलवार, दोपहर 2:15 बजे। देवी-देवता जलेब में शिरकत करने के लिए राज देवता माधो राय के दरबार पहुंच रहे हैं। जबकि मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री डा. धनी राम शांडिल, धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर व अन्य पगड़ी बंधवा रहे हैं। राज देवता माधो राय के दरबार से देवी-देवताओं के रथ के आगे नाटियों पर झूमते हुए देवलू निकले। धीरे-धीरे जलेब गांधी चौक की ओर रवाना हुई।
दोपहर 2:40 बजे। मुख्यातिथि राज देवता के दरबार में नतमस्तक हुए और यहां पूजा अर्चना की। जबकि देवी-देवता जलेब में शिरकत करतेे हुए आगे बढ़े। यहीं राज देवता माधो राय के दरबार के समीप जलेब में जा रहे देवी-देवताओं पर फूलों की बारिश होती रही। गाते-बजाते हुए देवलू और बजंतरी जलेब में शामिल हुए। उपायुक्त कार्यालय गेट से आगे सड़क किनारे दोनों तरफ शाही जलेब को देखने के लिए भीड़ उमड़ी रही। हाथों में कैमरा पकड़े हुए हर कोई एक साल बाद आए इन पलों को कैद करते रहे।
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दोपहर बाद 3:00 बजे। जलेब के आगे गुजरते प्रशासनिक अधिकारी एडीसी रोहित राठौर, एडीएम डाॅ. मदन कुमार व अन्य पुलिस अधिकारी। जलेब की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जलेब के साथ जगह-जगह पुलिस जवान मुस्तैद हैं और व्यवस्था बना रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी पहले ही पड्डल पहुंचे और यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।दोपहर बाद 3:15 बजे बूंदाबांदी भी शुरू हो गई, जबकि जलेब अभी नए सुकेती पुल पर ही पहुंची थी। बूंदाबांदी के बीच उत्साह के बाद देवी-देवताओं और देवलुओं की भारी भीड़ के बीच आगे बढ़ते हुए पड्डल पहुंच गई। करीब 3:30 बजे मुख्यातिथि और अन्य जीप में सवार होकर पड्डल पहुंचे और यहां विधिवत रूप से मुख्यातिथि ने अपना संबोधन दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। तेज धूप के बीच वाद्य यंत्रों की गूंज और देवी-देवताओं का आगमन। राज देवता माधोराय के दरबार के बार देवलुओं की नाटी और उनके साथ झूमते हुए सोने चांदी के रथों में विराजमान देवी-देवता। पगड़ियाें में सज धजकर राज देवता माधोराय के दरबार से निकले गण्यमान्य। कुछ ऐसा ही अलौलिक नजारा अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की दूसरी व मध्य जलेब में देखने को मिला।
दिन मंगलवार, दोपहर 2:15 बजे। देवी-देवता जलेब में शिरकत करने के लिए राज देवता माधो राय के दरबार पहुंच रहे हैं। जबकि मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री डा. धनी राम शांडिल, धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर व अन्य पगड़ी बंधवा रहे हैं। राज देवता माधो राय के दरबार से देवी-देवताओं के रथ के आगे नाटियों पर झूमते हुए देवलू निकले। धीरे-धीरे जलेब गांधी चौक की ओर रवाना हुई।
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दोपहर 2:40 बजे। मुख्यातिथि राज देवता के दरबार में नतमस्तक हुए और यहां पूजा अर्चना की। जबकि देवी-देवता जलेब में शिरकत करतेे हुए आगे बढ़े। यहीं राज देवता माधो राय के दरबार के समीप जलेब में जा रहे देवी-देवताओं पर फूलों की बारिश होती रही। गाते-बजाते हुए देवलू और बजंतरी जलेब में शामिल हुए। उपायुक्त कार्यालय गेट से आगे सड़क किनारे दोनों तरफ शाही जलेब को देखने के लिए भीड़ उमड़ी रही। हाथों में कैमरा पकड़े हुए हर कोई एक साल बाद आए इन पलों को कैद करते रहे।
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दोपहर बाद 3:00 बजे। जलेब के आगे गुजरते प्रशासनिक अधिकारी एडीसी रोहित राठौर, एडीएम डाॅ. मदन कुमार व अन्य पुलिस अधिकारी। जलेब की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जलेब के साथ जगह-जगह पुलिस जवान मुस्तैद हैं और व्यवस्था बना रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी पहले ही पड्डल पहुंचे और यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।दोपहर बाद 3:15 बजे बूंदाबांदी भी शुरू हो गई, जबकि जलेब अभी नए सुकेती पुल पर ही पहुंची थी। बूंदाबांदी के बीच उत्साह के बाद देवी-देवताओं और देवलुओं की भारी भीड़ के बीच आगे बढ़ते हुए पड्डल पहुंच गई। करीब 3:30 बजे मुख्यातिथि और अन्य जीप में सवार होकर पड्डल पहुंचे और यहां विधिवत रूप से मुख्यातिथि ने अपना संबोधन दिया।