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Mandi News: पिपली में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, बंद नालियों और अधूरे प्रबंधों से सहमे लोग
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सिर पर मानसून, कुराटी और ढगौण में जलभराव की आशंका
बीते वर्ष तीन गांवों का कट गया था संपर्क, नाले के दोनों छोर पर फंसी रह गई थी बारात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून सीजन की दस्तक के साथ ही उपमंडल की पिपली पंचायत के कुराटी और ढगौण के ग्रामीण फिर संभावित बाढ़ के खतरे से सहम उठे हैं। क्षेत्र में ठप पड़ी निकासी नालियां और मलबे में दबे कलवर्ट (पुलिया) के कारण सैकड़ों लोगों को अपने रिहायशी इलाकों में जलभराव की चिंता सताने लगी है। बीती आपदा के गहरे जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं हैं कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खामियों ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है।
इसी पंचायत के दौंथल नाले में बीते वर्ष आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव के कारण कुछ घरों को भारी नुकसान पहुंचा था और कुराटी, ढगौण, सलेरा व फोगला गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया था। हालात इतने बदतर थे कि एक बारात भी नाले के दोनों छोर पर फंस गई थी। इस जन आक्रोश के बाद स्थानीय विधायक ने डिजास्टर फंड से लाखों रुपये का बजट स्वीकृत करवाकर पुलिया निर्माण कार्य शुरू करवाया, लेकिन मानसून से ठीक पहले कार्य पूरा नहीं हो सका। कुराटी व ढगौण बस ठहराव के समीप पानी की निकासी की अव्यवस्था इस बार फिर बड़े खतरे का संकेत दे रही है।
कलवर्ट और निकासी नालियों को बहाल करने का कार्य जारी
कलवर्ट और निकासी नालियों को बहाल करने का कार्य चल रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में वर्षा जल की सुचारु निकासी के प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। पिपली पंचायत में विभाग द्वारा शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -राजीव कुमार, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सर्कि जोगिंद्रनगर
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कोट
कुराटी बस स्टैंड के समीप वर्षा जल निकासी के लिए बने कलवर्ट और नालियां पूरी तरह बंद हैं। इससे इस बार भी जलभराव की आशंका बनी हुई है, लेकिन प्रशासन अब तक सबक लेने को तैयार नहीं है। -भूपेंद्र, ग्रामीण
भूस्खलन और मलबे का डर बरकरार
ढगौण के समीप जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विभागीय प्रयास अधूरे और धीमे हैं। यदि भारी वर्षा हुई तो ग्रामीणों को जलभराव के साथ-साथ भूस्खलन से भी नुकसान हो सकता है। -प्रेम पाल, ग्रामीण
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बीते वर्ष तीन गांवों का कट गया था संपर्क, नाले के दोनों छोर पर फंसी रह गई थी बारात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून सीजन की दस्तक के साथ ही उपमंडल की पिपली पंचायत के कुराटी और ढगौण के ग्रामीण फिर संभावित बाढ़ के खतरे से सहम उठे हैं। क्षेत्र में ठप पड़ी निकासी नालियां और मलबे में दबे कलवर्ट (पुलिया) के कारण सैकड़ों लोगों को अपने रिहायशी इलाकों में जलभराव की चिंता सताने लगी है। बीती आपदा के गहरे जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं हैं कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खामियों ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है।
इसी पंचायत के दौंथल नाले में बीते वर्ष आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव के कारण कुछ घरों को भारी नुकसान पहुंचा था और कुराटी, ढगौण, सलेरा व फोगला गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया था। हालात इतने बदतर थे कि एक बारात भी नाले के दोनों छोर पर फंस गई थी। इस जन आक्रोश के बाद स्थानीय विधायक ने डिजास्टर फंड से लाखों रुपये का बजट स्वीकृत करवाकर पुलिया निर्माण कार्य शुरू करवाया, लेकिन मानसून से ठीक पहले कार्य पूरा नहीं हो सका। कुराटी व ढगौण बस ठहराव के समीप पानी की निकासी की अव्यवस्था इस बार फिर बड़े खतरे का संकेत दे रही है।
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कलवर्ट और निकासी नालियों को बहाल करने का कार्य जारी
कलवर्ट और निकासी नालियों को बहाल करने का कार्य चल रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में वर्षा जल की सुचारु निकासी के प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। पिपली पंचायत में विभाग द्वारा शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -राजीव कुमार, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सर्कि जोगिंद्रनगर
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कुराटी बस स्टैंड के समीप वर्षा जल निकासी के लिए बने कलवर्ट और नालियां पूरी तरह बंद हैं। इससे इस बार भी जलभराव की आशंका बनी हुई है, लेकिन प्रशासन अब तक सबक लेने को तैयार नहीं है। -भूपेंद्र, ग्रामीण
भूस्खलन और मलबे का डर बरकरार
ढगौण के समीप जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विभागीय प्रयास अधूरे और धीमे हैं। यदि भारी वर्षा हुई तो ग्रामीणों को जलभराव के साथ-साथ भूस्खलन से भी नुकसान हो सकता है। -प्रेम पाल, ग्रामीण