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Mandi News: पहले ही खरीदे जा चुके हैं पटाखे, बेचने की तैयारी, अब प्रतिबंध से मुश्किल में कारोबारी

Thu, 09 Nov 2023 10:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Nov 2023 10:47 PM IST
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Firecrackers have already been purchased, preparations to sell, now businessmen in trouble due to ban
मंडी। हिमाचल में इस बार सिर्फ ग्रीन पटाखे ही चलाने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आदेश दिए हैं। इसके बाद पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मंच गया है। कारोबारियों की मानें तो पटाखे पहले ही खरीदे जा चुके हैं। अब बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस वजह असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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कारोबारियों का कहना है कि अगर सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जाने हैं तो वह पहले से खरीदे जा चुके माल को कहां डालें। इससे उनका लाखों का नुकसान होगा।अगर ऐसा फरमान है तो फिर वह अब कहां जाएं। उन्हें पहले पटाखा बेचने के लिए लाइसेंस दिए गए हैं वह क्यों जारी किए गए हैं। कारोबारियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनके नुकसान और कारोबार पर मार को देखते हुए कोई बीच का रास्ता निकाला जाए ताकि उनको नुकसान न हो। कारोबारियों ने कहा कि हर साल वह पटाखे बेचते हैं क्योंकि इससे उनको अच्छी आमदनी होती हैं, लेकिन इस बार यह नए आदेश उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने वाले हैं। सरकार और प्रशासन को उनको ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। उधर, जिला प्रशासन ने जिला में एनजीटी के आदेशों का पालन करवाने के लिए तैयारी कस ली है। अगर कोई दूसरे पटाखें चलाता या बेचता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। यही नहीं उप जुर्माने के साथ पटाखे बेचने का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए जल्द ही मॉनिटरिंग के लिए एक टीम का गठन करने की बात कही है। यह टीम पटाखा बेचने वालों पर कड़ी निगरानी रखेगी।
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जिलाधीश मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आदेश जारी किए हैं, वह सभी उपमंडल अधिकारियों और पुलिस थानों को भी जारी कर दिए हैं, ताकि इन आदेशों का पूरी तरह से पालन किया जा सके। उन्होंने स्वयं भी लोगों से अपील की है कि वह दिवाली के दिन ग्रीन पटाखे ही चलाएं और रात को यह पटाखे दो घंटे आठ से 10 बजे तक ही चलाएं।
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क्या कहते हैं कारोबारी
मंडी में पटखों को बेचने वाले कारोबारी शंकर ने बताया कि अगर ऐसी बात थी तो प्रशासन और सरकार को उनको पहले बताना चाहिए था। अब अचानक से ग्रीन पटाखे बेचने के फरमान सहन नहीं होंगे।

सुंदरनगर में पटाखों के विक्रेता सुनीत पाल का कहना है कि उन्हें इन आदेशों की अभी तक खबर नहीं है, लेकिन अगर ऐसा है तो यह हमारे से बहुत बुरी खबर है। हमने जो पटाखे खरीदें हैं हम उन्हें कहां पर बेचेंगे।

सुंदरनगर के सोनू ने कहा कि वह कई सालों से दिवाली में पटाखे बेचते हैं और हर साल इस कारोबार से उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद रहती हैं, लेकिन इस बार ग्रीन पटाखों की शर्त बड़ी दु:खदायी है।

क्या हैं ग्रीन पटाखे और इसके फायदे
ग्रीन पटाखे पर्यावरण को बचाने वाले हैं। यह इको-फ्रेंडली पटाखे होते हैं, जिन्हें सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर नेरी) ने 2019 में खास तरह के पटाखे बनाए, जिनका साइज छोटा होता है और ये कोई राख भी नहीं छोड़ते। इन्हीं पटाखों को ग्रीन पटाखे कहा जाता है। यह पटाखे अन्य पटाखों से काफी भिन्न होते हैं। यह 30 से 40 प्रतिशत कम प्रदूषण करते हैं। यह दूसरे पटाखों की अपेक्षा कम आवाज निकालते हैं और जहरीली गैसें कम निकालते हैं। इसके अलावा यह जिस कच्चे माल से बनाए जाते हैं वह भी पर्यावरण को अधिक नुकसान नहीं पहुंचाता है।
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