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Mandi News: डीए, एरियर न मिलने से कर्मचारियों में रोष
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सुंदरनगर (मंडी)। केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग की घोषणा किए जाने के बावजूद हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारी आज भी महंगाई भत्ता (डीए) और छठे वेतन आयोग के बकाया एरियर के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर प्रदेश के कर्मचारियों में गहरा असंतोष और रोष व्याप्त है।
हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर, महासचिव उमेश कुमार, उपाध्यक्ष सुशील कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार के कर्मचारी वर्तमान में केवल 45 प्रतिशत डीए पर कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान 17 प्रतिशत डीए फ्रीज किए जाने से कर्मचारियों का एरियर लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग का एरियर भी आज तक कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है, जबकि केंद्र सरकार आगे बढ़ते हुए 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर चुकी है। महासंघ ने इसे प्रदेश के कर्मचारियों के साथ गंभीर अन्याय बताया है।
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महासंघ के अनुसार डीए में वृद्धि न होने और एरियर का भुगतान लंबित रहने से कर्मचारियों को प्रतिमाह 4 हजार से 12 हजार रुपये तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है।
महासंघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर डीए तुरंत बहाल किया जाए, लंबित डीए और एरियर का भुगतान किया जाए तथा छठे वेतन आयोग के एरियर को शीघ्र जारी किया जाए। यदि सरकार के लिए एकमुश्त भुगतान संभव नहीं है तो एरियर का भुगतान किस्तों में समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
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हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर, महासचिव उमेश कुमार, उपाध्यक्ष सुशील कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार के कर्मचारी वर्तमान में केवल 45 प्रतिशत डीए पर कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान 17 प्रतिशत डीए फ्रीज किए जाने से कर्मचारियों का एरियर लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग का एरियर भी आज तक कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है, जबकि केंद्र सरकार आगे बढ़ते हुए 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर चुकी है। महासंघ ने इसे प्रदेश के कर्मचारियों के साथ गंभीर अन्याय बताया है।
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महासंघ के अनुसार डीए में वृद्धि न होने और एरियर का भुगतान लंबित रहने से कर्मचारियों को प्रतिमाह 4 हजार से 12 हजार रुपये तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है।
महासंघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर डीए तुरंत बहाल किया जाए, लंबित डीए और एरियर का भुगतान किया जाए तथा छठे वेतन आयोग के एरियर को शीघ्र जारी किया जाए। यदि सरकार के लिए एकमुश्त भुगतान संभव नहीं है तो एरियर का भुगतान किस्तों में समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
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