{"_id":"6a452021c278c544a10ccbf5","slug":"emphasis-placed-on-integrating-ayurveda-research-with-modern-technologies-mandi-news-c-90-1-mnd1015-203089-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: आयुर्वेद अनुसंधान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: आयुर्वेद अनुसंधान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर दिया जोर
विज्ञापन
क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंडोह ने मनाया 56वां स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंडोह ने बुधवार को 56वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में आईआईटी मंडी, सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर और आईएसटीएम के विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक विषयों पर व्याख्यान देकर शोध अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सीसीआरएएस गीत के साथ हुआ। संस्थान की प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी ने उपलब्धियों की जानकारी दी। ऑनलाइन जुड़े सीसीआरएएस महानिदेशक प्रो. वैद्य रबिनारायण आचार्य ने आयुर्वेद अनुसंधान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया। आईआईटी मंडी के डॉ. रोहित सलूजा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वदेशी भाषा मॉडल्स के उपयोग पर प्रकाश डाला। सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर के डॉ. प्रशांत कुमार ने खेल, स्वास्थ्य और पोषण में आयुर्वेद की भूमिका बताई, जबकि नफे सिंह ने वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंडोह ने बुधवार को 56वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में आईआईटी मंडी, सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर और आईएसटीएम के विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक विषयों पर व्याख्यान देकर शोध अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सीसीआरएएस गीत के साथ हुआ। संस्थान की प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी ने उपलब्धियों की जानकारी दी। ऑनलाइन जुड़े सीसीआरएएस महानिदेशक प्रो. वैद्य रबिनारायण आचार्य ने आयुर्वेद अनुसंधान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया। आईआईटी मंडी के डॉ. रोहित सलूजा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वदेशी भाषा मॉडल्स के उपयोग पर प्रकाश डाला। सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर के डॉ. प्रशांत कुमार ने खेल, स्वास्थ्य और पोषण में आयुर्वेद की भूमिका बताई, जबकि नफे सिंह ने वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी।