हिमाचल प्रदेश: मंडी-कुल्लू फोरलेन पर जाम से राहत, डयोड और हणोगी सुरंगें खुलीं; पर्यटन सीजन में बड़ी राहत
मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले लोगों को राहत मिली है। पंडोह-टकोली फोरलेन की डयोड और हणोगी सुरंगें शुक्रवार को यातायात के लिए खोल दी गईं। दोनों सुरंगों के शुरू होने से जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी के आसपास लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। डयोड सुरंग 2.8 किलोमीटर और हणोगी सुरंग 650 मीटर लंबी है। सामान्य यातायात की स्थिति में मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर एक घंटे रह सकता है।
विस्तार
मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के पंडोह-टकोली बाइपास सेक्शन पर डयोड और हणोगी की दोनों सुरंगें शुक्रवार को यातायात के लिए खोल दी गईं। अब इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को पहले की तरह लंबे जाम में फंसने की परेशानी कम होगी। खासकर पर्यटन सीजन में इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले रास्ते पर जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी के आसपास अक्सर जाम लग जाता था। इन जगहों पर सड़क संकरी होने और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार एक से दो घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ता था। इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी होती थी। दोनों सुरंगें खुलने के बाद अब इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
डयोड में 2.8 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। वहीं, हणोगी की सुरंग की लंबाई 650 मीटर है। इन दोनों सुरंगों के शुरू होने से करीब छह किलोमीटर का प्रभावित सड़क हिस्सा घटकर लगभग 3.5 किलोमीटर रह जाएगा। इसका सीधा फायदा यातायात को मिलेगा और वाहन पहले के मुकाबले आसानी से निकल सकेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दोनों सुरंगों को यातायात के लिए खोले जाने की जानकारी साझा की है। सुरंगों के शुरू होने से इस मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दो घंटे का सफर एक घंटे में होने की उम्मीद
पंडोह बाईपास के अंत से टकोली तक 18.908 किलोमीटर लंबे फोरलेन प्रोजेक्ट पर 4,465.94 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाई जा रही है। फोरलेन और सुरंगों के पूरी तरह उपयोग में आने के बाद सामान्य यातायात की स्थिति में मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर एक घंटे रह सकता है।
इसका मतलब यह है कि मंडी से कुल्लू जाने वाले लोगों को रास्ते में कम समय लगेगा। कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकों के लिए भी सफर आसान होगा। हालांकि, जाम, मौसम और सड़क की स्थिति के कारण यात्रा का समय अलग-अलग हो सकता है।
📢 A major boost to connectivity in Himachal Pradesh! 🛣️
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) September 10, 2026
2️⃣ major tunnels at Deod and Hanogi are being opened to traffic on 11 September 2026, marking a significant transformation in connectivity on the Pandoh–Takoli section of NH-03.
The 2.8-km Deod Tunnel (T4-01) and… pic.twitter.com/XWwaKVxhc6
डयोड सुरंग की लंबाई 2.8 किलोमीटर है, जबकि हनोगी सुरंग 650 मीटर लंबी है। दोनों सुरंगें इस मार्ग के दो महत्वपूर्ण बाधा बिंदुओं को दूर करेंगी। पर्यटन सीजन के दौरान जोगनी माता मंदिर, डयोड और हनोगी के आसपास अक्सर लंबा जाम लग जाता था। कई बार इन स्थानों पर वाहनों को एक से दो घंटे या उससे अधिक समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता था।
सुरंगों के खुलने से प्रभावित सड़क का हिस्सा छह किलोमीटर से घटकर करीब 3.5 किलोमीटर रह जाएगा। इससे यातायात का प्रवाह बेहतर होगा और यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। सामान्य यातायात परिस्थितियों में मंडी से कुल्लू की यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर लगभग 60 मिनट होने की उम्मीद है।
यह कार्य एंड ऑफ पंडोह बाईपास-टकोली खंड के 4-लेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 18.908 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर 4,465.94 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत विकसित किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद सड़क संपर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरंगों के खुलने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकों और लेह-लद्दाख की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।