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आधार कार्ड न बनने से दिव्यांग को नहीं मिल रहा सहारा योजना का लाभ
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कलखर गांव की सावित्री देवी दिव्यांग बेटे को पानी पिलाते हुए।
- फोटो : Mandi
पटड़ीघाट (मंडी)। आंबलागलू पंचायत के कलखर में 48 वर्षीय दिव्यांग युवक को आधार कार्ड नहीं बनने के चलते सहारा योजना के तहत पेंशन की सुविधा नहीं मिल रही है। इसके कारण उसकी बुजुर्ग मां को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।
अब मां की सेहत भी ठीक नहीं होने के चलते वह बेसहारा होने की कगार पर है। कलखर गांव का वंशी लाल (48) पुत्र डमेश्वर राम जन्मजात दिव्यांग है। वह जन्म से ही बिस्तर पर है। वह पूरी तरह से दूसरे पर निर्भर है। उसकी जिम्मेदारी मां सावत्री देवी उठा रही है। सावत्री ने बताया कि बड़े बेटी की मौत लगभग 16 वर्ष पहले सड़क हादसे में हुई थी। पति की दस साल पहले और छोटे बेटे की सात वर्ष पहले मौत चुकी है। इसके चलते घर की पूरी जिम्मेदारी सावित्री देवी (70 ) के कंधों पर है। अब तक वही उसे जैसे-तैसे संभाल रही थी।
अब सावत्री खुद भी बीमार रहती है। उनका कहना है कि जब सहारा योजना आरंभ हुई थी तो उसके मन में उम्मीद की किरण जगी थी। मगर जब हम औपचारिकताएं पूरी करने के लिए गए तो उन्होंने पहले आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा। आधार कार्ड बनाने वाला हमारे घर भी आया मगर फिंगर प्रिंट नहीं आने के कारण आधार कार्ड आज तक नहीं बन पाया है। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसका परिवार न तो आज दिन तक आईआरडीपी में है और न तो किसी अन्य योजना में है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके दिव्यांग बेटे को सहारा योजना के तहत पेंशन लगाई जाए। ताकि वे बेटे का पालन-पोषण कर सके।
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इस बारे में आंबलागलू पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने बताया कि हाल ही में उनकी पंचायत का गठन हुआ है। यह मामला ध्यान में है, जैसे ही आगामी ग्राम सभा होगी इस परिवार को प्राथमिकता के आधार पर आईआरडीपी या अंत्योदय में शामिल किया जाएगा।
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अब मां की सेहत भी ठीक नहीं होने के चलते वह बेसहारा होने की कगार पर है। कलखर गांव का वंशी लाल (48) पुत्र डमेश्वर राम जन्मजात दिव्यांग है। वह जन्म से ही बिस्तर पर है। वह पूरी तरह से दूसरे पर निर्भर है। उसकी जिम्मेदारी मां सावत्री देवी उठा रही है। सावत्री ने बताया कि बड़े बेटी की मौत लगभग 16 वर्ष पहले सड़क हादसे में हुई थी। पति की दस साल पहले और छोटे बेटे की सात वर्ष पहले मौत चुकी है। इसके चलते घर की पूरी जिम्मेदारी सावित्री देवी (70 ) के कंधों पर है। अब तक वही उसे जैसे-तैसे संभाल रही थी।
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अब सावत्री खुद भी बीमार रहती है। उनका कहना है कि जब सहारा योजना आरंभ हुई थी तो उसके मन में उम्मीद की किरण जगी थी। मगर जब हम औपचारिकताएं पूरी करने के लिए गए तो उन्होंने पहले आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा। आधार कार्ड बनाने वाला हमारे घर भी आया मगर फिंगर प्रिंट नहीं आने के कारण आधार कार्ड आज तक नहीं बन पाया है। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसका परिवार न तो आज दिन तक आईआरडीपी में है और न तो किसी अन्य योजना में है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके दिव्यांग बेटे को सहारा योजना के तहत पेंशन लगाई जाए। ताकि वे बेटे का पालन-पोषण कर सके।
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इस बारे में आंबलागलू पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने बताया कि हाल ही में उनकी पंचायत का गठन हुआ है। यह मामला ध्यान में है, जैसे ही आगामी ग्राम सभा होगी इस परिवार को प्राथमिकता के आधार पर आईआरडीपी या अंत्योदय में शामिल किया जाएगा।