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Mandi News: स्कूल-कॉलेजों में लगेंगे नशा मुक्ति जागरूकता कैंप
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60 कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण, अभिभावकों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। युवाओं में बढ़ते नशे के चलन को रोकने के लिए हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति और मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति जिले में संयुक्त अभियान चलाएंगी। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे। अभियान के लिए स्रोत व्यक्तियों का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण 3 और 4 अक्तूबर को साक्षरता भवन, सौली खड्ड में हुआ। इसमें मंडी, कुल्लू और हमीरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब 60 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रो. वीना राठौर ने कहा कि अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद की कमी भी नशे की ओर बढ़ने का एक कारण है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी को हल्का नशा मानने से आगाह किया। उन्होंने इनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव बताए। जिला सचिव गजेंद्र शर्मा ने कहा कि बच्चों को नशे से बचाने के लिए परिवार और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने बच्चों से दोस्ताना संवाद, जीवन कौशल और नशे को ‘न’ कहना सिखाने पर जोर दिया। स्कूलों में खेल, योग, तनाव प्रबंधन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई। महासचिव भीम सिंह ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के सुझाव दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। युवाओं में बढ़ते नशे के चलन को रोकने के लिए हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति और मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति जिले में संयुक्त अभियान चलाएंगी। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे। अभियान के लिए स्रोत व्यक्तियों का दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण 3 और 4 अक्तूबर को साक्षरता भवन, सौली खड्ड में हुआ। इसमें मंडी, कुल्लू और हमीरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब 60 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रो. वीना राठौर ने कहा कि अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद की कमी भी नशे की ओर बढ़ने का एक कारण है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी को हल्का नशा मानने से आगाह किया। उन्होंने इनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव बताए। जिला सचिव गजेंद्र शर्मा ने कहा कि बच्चों को नशे से बचाने के लिए परिवार और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने बच्चों से दोस्ताना संवाद, जीवन कौशल और नशे को ‘न’ कहना सिखाने पर जोर दिया। स्कूलों में खेल, योग, तनाव प्रबंधन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई। महासचिव भीम सिंह ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के सुझाव दिए।
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