{"_id":"607b12598ebc3e8d3155f73f","slug":"drought-losses-will-be-assessed-in-mandi-district-mandi-news-sml3677806142","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखे से हुए नुकसान का होगा आकलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखे से हुए नुकसान का होगा आकलन
विज्ञापन
मुख्य सचिव शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जलसंकट एवं सूखे से पैदा हुई स्थिति पर तैया?
- फोटो : Mandi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। सूखे के कारण किसानों-बागवानों को हुए नुकसान का आकलन होगा। कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों को जिले में किसानों-बागवानों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने मुख्य सचिव अनिल खाची से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दी।
उन्होंने जिले में जल संकट एवं सूखा प्रबंधन की तैयारियों एवं व्यापक अग्रिम व्यवस्थाओं के संबंध में भी अवगत करवाया। मंडी जिला प्रशासन की गर्मी के सीजन में संभावित जल संकट एवं सूखे से निपटने की पूरी तैयारी है। मुख्य सचिव अनिल खाची शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों में जल संकट एवं सूखे की स्थिति एवं तैयारियों का जायजा ले रहे थे।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में हर क्षेत्र के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की है। पेयजल संकट से निपटने के लिए जलशक्ति विभाग के साथ मिलकर लगातार स्थिति की मॉनीटरिंग की जा रही है। जलशक्ति विभाग ने जिले की ऐसी 15 जलापूर्ति योजनाएं चिह्नित की हैं, जिन पर अधिक प्रभाव पड़ा है। इससे निपटने के लिए पूरी योजना तैयार की है। पशुपालन विभाग के जरिए जिले में पशुचारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बनाने की व्यवस्था की गई है। गांवों में बावड़ियों, खातरियों सहित अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित बनाई जा रही है।
विज्ञापन
सभी पंचायतों को पानी की जांच के लिए टेस्टिंग किट दे रखी है। खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के सहयोग से प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। बैठक के बाद उपायुक्त ने जिलावासियों से जल संरक्षण में सहयोग की अपील की। उन्होंने लोगों से पानी का सदुपयोग करने और इसे व्यर्थ न गंवाने का आग्रह किया।
000
विज्ञापन
उन्होंने जिले में जल संकट एवं सूखा प्रबंधन की तैयारियों एवं व्यापक अग्रिम व्यवस्थाओं के संबंध में भी अवगत करवाया। मंडी जिला प्रशासन की गर्मी के सीजन में संभावित जल संकट एवं सूखे से निपटने की पूरी तैयारी है। मुख्य सचिव अनिल खाची शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों में जल संकट एवं सूखे की स्थिति एवं तैयारियों का जायजा ले रहे थे।
विज्ञापन
उपायुक्त ने बताया कि जिले में हर क्षेत्र के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की है। पेयजल संकट से निपटने के लिए जलशक्ति विभाग के साथ मिलकर लगातार स्थिति की मॉनीटरिंग की जा रही है। जलशक्ति विभाग ने जिले की ऐसी 15 जलापूर्ति योजनाएं चिह्नित की हैं, जिन पर अधिक प्रभाव पड़ा है। इससे निपटने के लिए पूरी योजना तैयार की है। पशुपालन विभाग के जरिए जिले में पशुचारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित बनाने की व्यवस्था की गई है। गांवों में बावड़ियों, खातरियों सहित अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित बनाई जा रही है।
विज्ञापन
सभी पंचायतों को पानी की जांच के लिए टेस्टिंग किट दे रखी है। खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के सहयोग से प्राकृतिक जलस्रोतों के पानी की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। बैठक के बाद उपायुक्त ने जिलावासियों से जल संरक्षण में सहयोग की अपील की। उन्होंने लोगों से पानी का सदुपयोग करने और इसे व्यर्थ न गंवाने का आग्रह किया।
000