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Mandi News: डाॅक्टर लिख रहे ब्रांडेड दवाइयां, डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं

Sat, 25 Jul 2026 11:59 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:59 AM IST
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Doctors prescribing branded medicines; not available at the dispensary.
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में हिमाचल सहकारी समिति की दुकान पर दवाई खरीद के लिए उमड़े लोग।संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों को लिखी जा रहीं ब्रांडेड दवाइयां अस्पताल की डिस्पेंसरी में नहीं मिल रही हैं। मजबूरी में मरीजों को हिमाचल सहकारी समिति और अन्य दुकानों से महंगे दाम पर दवाई खरीदनी पड़ रही है। अधिकांश लोगों को अस्पताल की डिस्पेंसरी में निशुल्क मिलने वाली दवाई की जानकारी ही नहीं है।
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सामान्य तौर पर लिखी जाने वाली बीपी, शुगर, एंटी ड्रग सहित अन्य दवाइयां सरकारी डिस्पेंसरी में नहीं मिल रही हैं। डिस्पेंसरी में तैनात कर्मचारी पर्ची पर ब्रांडेड कंपनी की दवाई देख सीधा मरीजों को बाजार से खरीदने की सलाह दे रहे हैं। मरीजों का कहना है कि दिहाड़ी-मजदूरी कर मुश्किल से परिवार का गुजारा चलता है। ऊपर से महंगी दवाई खरीदना उनके वश से बाहर है।
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इसके बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर का कहना है कि अस्पताल में डिस्पेंसरी, जन औषधी केंद्र और हिमाचल सरकारी समिति की दुकानों पर सस्ती दवाइयां मिल रही हैं। नई दवाइयों का ऑर्डर आने में समय लगता है। हालांकि डिस्पेंसरी में सभी को एक-दो दवाइयां अवश्य मिल मिलती हैं।
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बेटी को शरीर में एलर्जी हो गई है। चिकित्सक को दिखाने पर उन्होंने एक महीने के लिए दवाई लिखी है लेकिन अस्पताल की डिस्पेंसरी में चिकित्सक की ओर से लिखी गई दवाई का स्टॉक नहीं है। कर्मचारियों ने बाहर से दवाई खरीदने को कहा है। --पूर्वी देवी, निवासी कोट कोटली

मानसिक परेशानी के चलते कुछ समय से नियमित रूप से अस्पताल में जांच करवा रही हूं। हर बार चिकित्सक की ओर से लिखी दवाई अस्पताल की डिस्पेंसरी में नहीं मिल रही। हर माह दो से ढाई हजार की दवाई बाजार से खरीदनी पड़ती है। -नीलम, निवासी मंडी

कुछ सालों से शुगर से पीड़ित हूं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग से नियमित जांच करवा रहा हूं। कभी भी अस्पताल की डिस्पेंसरी से निशुल्क दवाई नहीं दी गई। दिहाड़ी-मजदूरी करता हूं। हर माह करीब 4500 रुपये की दवाई बाजार से खरीदनी पड़ती है। -नारायण दास, निवासी पलोता पंडोह
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