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Mandi News: वन अधिकार अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर की चर्चा
Fri, 09 Jan 2026 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:52 PM IST
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सरकाघाट (मंडी)। सरकाघाट में उपमंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र कुमार गौतम ने की। बैठक में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। एसडीएम ने बताया कि राजस्व विभाग एवं वन विभाग के अभिलेखों में अंतर पाया गया है, जिसे शीघ्र समन्वित करने की आवश्यकता है।
इस दौरान रेंज अधिकारियों द्वारा सरकाघाट रेंज के अंतर्गत आने वाले डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट तथा अन-डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट क्षेत्रों से संबंधित आंकड़े एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि चिह्नित वन क्षेत्रों का सत्यापन एवं सीमांकन संबंधित ग्राम राजस्व अधिकारी की ओर से वन रक्षक के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आंकड़ों का शीघ्र सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन क्षेत्रों की पहचान एवं सीमांकन से संबंधित आवश्यक आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध एवं प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आंकड़ों के सत्यापन के उपरांत इसकी सूचना कार्यालय को प्रेषित की जाए, ताकि उपमंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) की बैठक में इन आंकड़ों को अनुमोदित किया जा सके।
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इस दौरान रेंज अधिकारियों द्वारा सरकाघाट रेंज के अंतर्गत आने वाले डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट तथा अन-डिमार्केटेड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट क्षेत्रों से संबंधित आंकड़े एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि चिह्नित वन क्षेत्रों का सत्यापन एवं सीमांकन संबंधित ग्राम राजस्व अधिकारी की ओर से वन रक्षक के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आंकड़ों का शीघ्र सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन क्षेत्रों की पहचान एवं सीमांकन से संबंधित आवश्यक आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध एवं प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि आंकड़ों के सत्यापन के उपरांत इसकी सूचना कार्यालय को प्रेषित की जाए, ताकि उपमंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) की बैठक में इन आंकड़ों को अनुमोदित किया जा सके।
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