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बलद्वाड़ा के वारी गांव में फैला डायरिया
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बलद्वाड़ा (मंडी)। क्षेत्र की नरोला पंचायत के वारी गांव में शुक्रवार को डायरिया के 28 मामले सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय टीम वारी गांव पहुंच गई है और लोगों की जांच कर दवाइयां दी गई हैं।
चिकित्सकों के अनुसार गांव में गंदे पानी की आपूर्ति होने से लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। हालांकि समय पर उपचार मिलने पर लोगों की हालत सामान्य है। स्थिति पर विभागीय कर्मचारी नजर रखे हुए हैं। अधिक बीमार चल रहे लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बलद्वाड़ा अस्पताल में दो लोग और कुठेड़ा अस्पताल में तीन लोगों को भर्ती किया गया है।
इनकी हालत खतरे से बाहर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समैला के प्रभारी डॉ. विश्वदीप संधु ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के बाद अब स्थिति सामान्य है। गंदे पानी की वजह से गांव के लोग बीमार हुए हैं। इस बारे जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता समैला देसराज ने बताया कि विभाग की ओर से पानी में क्लोरीनेशन के बाद ही जलापूर्ति की जा रही है। वारी गांव के लिए जो पेयजल आपूर्ति आ रही है वहीं आपूर्ति साथ लगते दूसरे गांव के लिए भी दी जा रही है। दूसरे गांव से अभी तक डायरिया की कोई शिकायत नहीं मिली है। इधर विभाग के सहायक अभियंता कमल कुमार ने बताया कि पानी की अच्छी तरह से क्लोरीनेशन और समय समय पर जांच की जाती है। गांव में डायरिया कैसे फैला इस बारे जांच की जाएगी।
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चिकित्सकों के अनुसार गांव में गंदे पानी की आपूर्ति होने से लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। हालांकि समय पर उपचार मिलने पर लोगों की हालत सामान्य है। स्थिति पर विभागीय कर्मचारी नजर रखे हुए हैं। अधिक बीमार चल रहे लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बलद्वाड़ा अस्पताल में दो लोग और कुठेड़ा अस्पताल में तीन लोगों को भर्ती किया गया है।
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इनकी हालत खतरे से बाहर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समैला के प्रभारी डॉ. विश्वदीप संधु ने बताया कि समय पर उपचार मिलने के बाद अब स्थिति सामान्य है। गंदे पानी की वजह से गांव के लोग बीमार हुए हैं। इस बारे जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता समैला देसराज ने बताया कि विभाग की ओर से पानी में क्लोरीनेशन के बाद ही जलापूर्ति की जा रही है। वारी गांव के लिए जो पेयजल आपूर्ति आ रही है वहीं आपूर्ति साथ लगते दूसरे गांव के लिए भी दी जा रही है। दूसरे गांव से अभी तक डायरिया की कोई शिकायत नहीं मिली है। इधर विभाग के सहायक अभियंता कमल कुमार ने बताया कि पानी की अच्छी तरह से क्लोरीनेशन और समय समय पर जांच की जाती है। गांव में डायरिया कैसे फैला इस बारे जांच की जाएगी।
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