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महाशिवरात्रि के लिए रवाना हुईं देवी बायला गुसैण
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थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र की देवी बायला 99 वर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला मंडी में अपने देवलुओं के साथ शिरकत करेंगी। बुधवार को वह महाशिवरात्रि के लिए रवाना हो गई हैं और 12 मार्च को मंडी पहुंचेंगी।
देवी बायला गुसैण के कारदार दुर्गा सिंह वर्मा ने बताया कि 99 साल पहले देवी महाशिवरात्रि मेले में अंतिम बार गई थीं। इसके बाद देवी के रथ को शिवरात्रि मेले में नहीं ले जाया गया। मंडी शहर और जंजैहली के बीच करीब 90 किलोमीटर की दूरी भी इसमें बाधा रही है।
देवी के रथ को एक समय में आठ लोग बारी-बारी से उठाते हैं। देवी बायला गुसैण की चार हारी (क्षेत्र) हैं, जिसमें जेठी हार बायला, भेखली जंजैहली, बूंग, भलवाड़, रेशन हैं।देवी के गूर मान चंद ने बताया कि बुधवार रात को देवी और देवता बग्गी में ठहराव करेंगे।
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देवी बायला गुसैण के कारदार दुर्गा सिंह वर्मा ने बताया कि 99 साल पहले देवी महाशिवरात्रि मेले में अंतिम बार गई थीं। इसके बाद देवी के रथ को शिवरात्रि मेले में नहीं ले जाया गया। मंडी शहर और जंजैहली के बीच करीब 90 किलोमीटर की दूरी भी इसमें बाधा रही है।
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देवी के रथ को एक समय में आठ लोग बारी-बारी से उठाते हैं। देवी बायला गुसैण की चार हारी (क्षेत्र) हैं, जिसमें जेठी हार बायला, भेखली जंजैहली, बूंग, भलवाड़, रेशन हैं।देवी के गूर मान चंद ने बताया कि बुधवार रात को देवी और देवता बग्गी में ठहराव करेंगे।
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