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Mandi News: आरडी एजेंटों का कमीशन पांच फीसदी करने की मांग, केंद्र तक पहुंचाएंगे मामला
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हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद करड़ के समक्ष रखी मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। गांव-गांव लोगों की छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित रखने में जुटे आरडी एजेंट अब अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाएंगे। मंडी में हुई बैठक में आरडी एजेंटों ने अपनी समस्याएं और मांगें हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद करड़ के समक्ष रखीं। करड़ ने सभी मांगों को भारत सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा दिया।
उपायुक्त कार्यालय मंडी में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रकाश चंद करड़ ने कहा कि लघु बचत योजनाएं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं के जरिये लोग अपनी छोटी-छोटी बचत जमा कर भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करते हैं। ऐसे में इन योजनाओं से जुड़े एजेंटों की समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।
बैठक में एजेंटों ने बैंकों की तर्ज पर एक और तीन वर्ष की आरडी योजनाएं शुरू करने की मांग रखी। इसके अलावा कमीशन चार से बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने, डाकघर की ओर से मिलने वाली चेकबुक में पृष्ठों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 करने और आरडी जमा करने के लिए एक बैच की सीमा 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई।
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प्रकाश चंद करड़ ने कहा कि एजेंटों की सभी मांगों को राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। गांव-गांव लोगों की छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित रखने में जुटे आरडी एजेंट अब अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाएंगे। मंडी में हुई बैठक में आरडी एजेंटों ने अपनी समस्याएं और मांगें हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय बचत राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद करड़ के समक्ष रखीं। करड़ ने सभी मांगों को भारत सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा दिया।
उपायुक्त कार्यालय मंडी में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रकाश चंद करड़ ने कहा कि लघु बचत योजनाएं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं के जरिये लोग अपनी छोटी-छोटी बचत जमा कर भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करते हैं। ऐसे में इन योजनाओं से जुड़े एजेंटों की समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।
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बैठक में एजेंटों ने बैंकों की तर्ज पर एक और तीन वर्ष की आरडी योजनाएं शुरू करने की मांग रखी। इसके अलावा कमीशन चार से बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने, डाकघर की ओर से मिलने वाली चेकबुक में पृष्ठों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 करने और आरडी जमा करने के लिए एक बैच की सीमा 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई।
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प्रकाश चंद करड़ ने कहा कि एजेंटों की सभी मांगों को राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा।