{"_id":"6ac54f8ee06559a585050928","slug":"deliberations-on-the-conservation-of-medicinal-plants-at-a-national-seminar-mandi-news-c-90-1-mnd1023-216547-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: राष्ट्रीय संगोष्ठी में औषधीय पौधों के संरक्षण पर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: राष्ट्रीय संगोष्ठी में औषधीय पौधों के संरक्षण पर मंथन
विज्ञापन
विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने अपने शोध एवं अनुभव किए प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। पंडोह स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मंगलवार को संपन्न हुई। संगोष्ठी में पश्चिमी हिमालय के औषधीय पौधा संसाधनों, उनके संरक्षण, गुणवत्ता, मानकीकरण और सतत उपयोग पर विशेषज्ञों व शोधकर्ताओं ने विचार साझा किए।दूसरे दिन डॉ. शरद श्रीवास्तव ने हर्बल औषधियों की गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ‘अनुक्त एवं अनुक्त द्रव्य’ और उनके मानकीकरण पर जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने औषधीय पौधों के संरक्षण व वैज्ञानिक मानकीकरण से जुड़े शोध पत्र प्रस्तुत किए।
संस्थान प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम समन्वयक एवं अनुसंधान अधिकारी (वनस्पति विज्ञान) मनोज रतूड़ी ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। पंडोह स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मंगलवार को संपन्न हुई। संगोष्ठी में पश्चिमी हिमालय के औषधीय पौधा संसाधनों, उनके संरक्षण, गुणवत्ता, मानकीकरण और सतत उपयोग पर विशेषज्ञों व शोधकर्ताओं ने विचार साझा किए।दूसरे दिन डॉ. शरद श्रीवास्तव ने हर्बल औषधियों की गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने ‘अनुक्त एवं अनुक्त द्रव्य’ और उनके मानकीकरण पर जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने औषधीय पौधों के संरक्षण व वैज्ञानिक मानकीकरण से जुड़े शोध पत्र प्रस्तुत किए।
संस्थान प्रभारी डॉ. विनीता कुमारी नेगी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम समन्वयक एवं अनुसंधान अधिकारी (वनस्पति विज्ञान) मनोज रतूड़ी ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन