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छह वर्ष में नहीं बन पाया संस्कृति देवसदन
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मंडी।
भाषा एवं संस्कृति विभाग के कांगणीधार में 17 करोड़ की लागत से बन रहे संस्कृति सदन का कार्य अभी भी अधर में लटका है। 2015 में शुरू हुए कार्य को आगामी माह फरवरी में 6 वर्ष पूूर्ण होने को है लेकिन यह निर्मित नहीं हो पाया है।
इसे कुल्लू देवसदन की तर्ज पर बनाया जा रहा है। विभाग की लेट लतीफी के चलते कार्य अधूरा है। इस बार शिवरात्रि महोत्सव को मनाने पर असमंजस है फिर भी देव सदन का कार्य 2021 में होने वाली शिवरात्रि महोत्सव में तैयार करने की योजना रखी थी। सरकार की ओर से लगभग 4 बीघा जमीन चामुंडा माता मंदिर परिसर के साथ उपलब्ध करवाई है। भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि संस्कृति देव सदन का कार्य अभी जारी है। शिवरात्रि को लेकर उन्होंने कहा इस बार अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
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पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने रखी थी आधारशिला
कांगणीधार में 17 करोड़ 65 लाख की लागत से संस्कृति देवसदन का निर्माण करवाया जा रहा है। यह सदन कुल्लू में बने देव सदन की तर्ज पर बनकर तैयार होगा। इसमें ऑडिटोरियम और अन्य प्रकार की सुविधाएं भी शामिल की गई हैं ताकि इसका वर्षभर इस्तेमाल किया जा सके। फरवरी 2015 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने संस्कृति सदन की आधारशिला रखी थी।
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एक छत के नीचे मिलेगी सुविधा
संस्कृति देवसदन के बनने से मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में आने वाले सैकड़ों देवी-देवताओं को एक छत के नीचे ठहरने की सुविधा मिलेगी। शिवरात्रि महोत्सव में लगभग 200 से अधिक पंजीकृत देवी-देवता प्रशासन मेला कमेटी के निमंत्रण पर शामिल होते हैं। सर्व देवता समिति मंडी के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि संस्कृति देवसदन का निर्माण कार्य अब जल्द से जल्द पूर्ण होना चाहिए।
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भाषा एवं संस्कृति विभाग के कांगणीधार में 17 करोड़ की लागत से बन रहे संस्कृति सदन का कार्य अभी भी अधर में लटका है। 2015 में शुरू हुए कार्य को आगामी माह फरवरी में 6 वर्ष पूूर्ण होने को है लेकिन यह निर्मित नहीं हो पाया है।
इसे कुल्लू देवसदन की तर्ज पर बनाया जा रहा है। विभाग की लेट लतीफी के चलते कार्य अधूरा है। इस बार शिवरात्रि महोत्सव को मनाने पर असमंजस है फिर भी देव सदन का कार्य 2021 में होने वाली शिवरात्रि महोत्सव में तैयार करने की योजना रखी थी। सरकार की ओर से लगभग 4 बीघा जमीन चामुंडा माता मंदिर परिसर के साथ उपलब्ध करवाई है। भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि संस्कृति देव सदन का कार्य अभी जारी है। शिवरात्रि को लेकर उन्होंने कहा इस बार अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
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पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने रखी थी आधारशिला
कांगणीधार में 17 करोड़ 65 लाख की लागत से संस्कृति देवसदन का निर्माण करवाया जा रहा है। यह सदन कुल्लू में बने देव सदन की तर्ज पर बनकर तैयार होगा। इसमें ऑडिटोरियम और अन्य प्रकार की सुविधाएं भी शामिल की गई हैं ताकि इसका वर्षभर इस्तेमाल किया जा सके। फरवरी 2015 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने संस्कृति सदन की आधारशिला रखी थी।
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एक छत के नीचे मिलेगी सुविधा
संस्कृति देवसदन के बनने से मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में आने वाले सैकड़ों देवी-देवताओं को एक छत के नीचे ठहरने की सुविधा मिलेगी। शिवरात्रि महोत्सव में लगभग 200 से अधिक पंजीकृत देवी-देवता प्रशासन मेला कमेटी के निमंत्रण पर शामिल होते हैं। सर्व देवता समिति मंडी के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि संस्कृति देवसदन का निर्माण कार्य अब जल्द से जल्द पूर्ण होना चाहिए।
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