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Mandi News: मैदान की अनुमति न मिलने से बालीचौकी मेले के आयोजन पर संकट
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कमेटी ने शुरू की तैयारियों, उच्च न्यायालय के निर्णय पर टिकी आस
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। जिला स्तरीय बालीचौकी मेला के दौरान इस बार आचार संहिता लगने से मेले के आयोजन पर संकट मंडरा गया है। मेला मैदान की अनुमति नहीं मिलने पर मेला आयोजन पर संशय बना हुआ है। इस कारण मेला कमेटी को इस आयोजन के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि मेले के आयोजन को लेकर कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कई सालों से बालीचौकी मेला स्थानीय स्कूल मैदान में ही मनाया जाता है। यह जमीन अराध्य देवता चुंजवाला और अराध्य देव मार्कंडेय के नाम पर है। इस जमीन को यहां के समाजसेवियों ने अपनी निजी जमीन देवता के नाम कर दी है। साथ में ही स्कूल होने के कारण इस जमीन को पाठशाला की ओर से इस्तेमाल किया जाता है। स्कूल ने इस स्थान के चारों तरह सुरक्षा दीवार बना दी है। इस कारण इस जमीन का राजस्व विभाग में कास्त कब्जा स्कूल के नाम हो गया है। आचार संहिता लगने से स्कूल मैदान में मेला आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति नहीं मिल रही है। मेले के आयोजन के लिए हर साल उच्च न्यायालय शिमला से अनुमति लेनी पड़ती है। बेशक इस जगह के मालिक अराध्य देवता है, लेकिन स्कूल मैदान में किसी तरह की गतिविधियों को लेकर अनुमति लेनी पड़ती है। दूसरी तरफ मेला कमेटी ने मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। उच्च न्यायालय में डबल बेंच में याचिका खारिज हो चुकी है। इस बारे में एसडीएम बालीचौकी मोहन शर्मा ने बताया कि आचार संहित के चलते चुनाव आयोग स्कूल परिसर में किसी प्रकार की गतिवधियों की अनुमति नहीं देता है। अगर उच्च न्यायालय अनुमति देता है तो प्रशासन उच्च न्यायलय के आदेशों की पालना करेगा।
सोमवार को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई
उधर, अनुमति को लेकर सोमवार को उच्च न्यायालय में दोबारा सुनवाई होनी है। ऐसे में अगर उच्च न्यायालय अनुमति देता है तो मेला मैदान में मेले की मेले का आयोजन हो सकता है। यदि याचिका खारिज होती है तो मेला कमेटी को मेला मनाने के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा।
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नहीं टूटने देंगे परंपरा
पंचायत को विश्वास है कि मेला आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति मिल जाएगी और यदि अनुमति नहीं मिलती है तो फिर भी बालीचौकी मेले की संस्कृति परंपराओं को नहीं तोड़ेंगे। इसके लिए निजी भूमि पर मेले का आयोजन किया जाएगा। पंचायत के प्रधान और मेला कमेटी के अध्यक्ष दिले राम ने बताया कि मेला कमेटी के मैदान की अनुमति को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और सोमवार को सुनवाई होनी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। जिला स्तरीय बालीचौकी मेला के दौरान इस बार आचार संहिता लगने से मेले के आयोजन पर संकट मंडरा गया है। मेला मैदान की अनुमति नहीं मिलने पर मेला आयोजन पर संशय बना हुआ है। इस कारण मेला कमेटी को इस आयोजन के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि मेले के आयोजन को लेकर कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कई सालों से बालीचौकी मेला स्थानीय स्कूल मैदान में ही मनाया जाता है। यह जमीन अराध्य देवता चुंजवाला और अराध्य देव मार्कंडेय के नाम पर है। इस जमीन को यहां के समाजसेवियों ने अपनी निजी जमीन देवता के नाम कर दी है। साथ में ही स्कूल होने के कारण इस जमीन को पाठशाला की ओर से इस्तेमाल किया जाता है। स्कूल ने इस स्थान के चारों तरह सुरक्षा दीवार बना दी है। इस कारण इस जमीन का राजस्व विभाग में कास्त कब्जा स्कूल के नाम हो गया है। आचार संहिता लगने से स्कूल मैदान में मेला आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति नहीं मिल रही है। मेले के आयोजन के लिए हर साल उच्च न्यायालय शिमला से अनुमति लेनी पड़ती है। बेशक इस जगह के मालिक अराध्य देवता है, लेकिन स्कूल मैदान में किसी तरह की गतिविधियों को लेकर अनुमति लेनी पड़ती है। दूसरी तरफ मेला कमेटी ने मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। उच्च न्यायालय में डबल बेंच में याचिका खारिज हो चुकी है। इस बारे में एसडीएम बालीचौकी मोहन शर्मा ने बताया कि आचार संहित के चलते चुनाव आयोग स्कूल परिसर में किसी प्रकार की गतिवधियों की अनुमति नहीं देता है। अगर उच्च न्यायालय अनुमति देता है तो प्रशासन उच्च न्यायलय के आदेशों की पालना करेगा।
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सोमवार को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई
उधर, अनुमति को लेकर सोमवार को उच्च न्यायालय में दोबारा सुनवाई होनी है। ऐसे में अगर उच्च न्यायालय अनुमति देता है तो मेला मैदान में मेले की मेले का आयोजन हो सकता है। यदि याचिका खारिज होती है तो मेला कमेटी को मेला मनाने के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा।
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नहीं टूटने देंगे परंपरा
पंचायत को विश्वास है कि मेला आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति मिल जाएगी और यदि अनुमति नहीं मिलती है तो फिर भी बालीचौकी मेले की संस्कृति परंपराओं को नहीं तोड़ेंगे। इसके लिए निजी भूमि पर मेले का आयोजन किया जाएगा। पंचायत के प्रधान और मेला कमेटी के अध्यक्ष दिले राम ने बताया कि मेला कमेटी के मैदान की अनुमति को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और सोमवार को सुनवाई होनी है।