{"_id":"1bc9bfb89cc6634c3f29177a3206e846","slug":"swineflu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुंदरनगर में एक और स्वाइन फ्लू का मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सुंदरनगर में एक और स्वाइन फ्लू का मामला
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी
Updated Thu, 11 Feb 2016 07:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर क्षेत्र में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ संबंधित क्षेत्र में दवाइयां वितरित करनी शुरू कर दी हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के स्लाबकोट क्षेत्र की 57 वर्षीय महिला को करीब दस दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने उसे बुखार की दवाइयां दीं। जब बुखार नहीं उतरा को वे उसे यहां के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लाए। इस दौरान जब महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे पीजीआई ले गए, जहां रात महिला को उपचार न मिलने पर परिवार के लोग उसे चंडीगढ़ के मैक्स अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने महिला के खून का नमूना स्वाइन फ्लू टेस्ट के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई। इसके बाद चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया है, जहां अब महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
स्वाइन फ्लू का मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को जहां इस बीमारी को लेकर जागरूक करना शुरू कर दिया है, वहीं महिला के आसपास रहने वाले व पड़ोसियों को टैमी फ्लू की दवाइयां वितरित भी की जा रही हैं ताकि यह बीमारी और न फैले। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी कुछ दिन पहले मलोह क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आ चुका है, जिसको लेकर लोगों में इस बीमारी को लेकर भय बना हुआ है।
विज्ञापन
खंड स्वास्थ्य अधिकारी डा. अविनाश ने स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने की पुष्टि करते हुए इसके लक्षण के बारे में बताया कि स्वाइन फ्लू होने की परिस्थितियों में मरीज को पहले बुखार आता है और आम दवाई खाने के बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं होता है। ऐसे में इसको लेकर लोगों में जागरूकता के साथ-साथ सावधानियां अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बुखार या खांसी होने पर अपने मुंह पर रूमाल रख लें ताकि इस तरह की बीमारी आगे न फैले।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के स्लाबकोट क्षेत्र की 57 वर्षीय महिला को करीब दस दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने उसे बुखार की दवाइयां दीं। जब बुखार नहीं उतरा को वे उसे यहां के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लाए। इस दौरान जब महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजन उसे पीजीआई ले गए, जहां रात महिला को उपचार न मिलने पर परिवार के लोग उसे चंडीगढ़ के मैक्स अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने महिला के खून का नमूना स्वाइन फ्लू टेस्ट के लिए भेजा, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई। इसके बाद चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया है, जहां अब महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू का मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को जहां इस बीमारी को लेकर जागरूक करना शुरू कर दिया है, वहीं महिला के आसपास रहने वाले व पड़ोसियों को टैमी फ्लू की दवाइयां वितरित भी की जा रही हैं ताकि यह बीमारी और न फैले। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी कुछ दिन पहले मलोह क्षेत्र में इस तरह का मामला सामने आ चुका है, जिसको लेकर लोगों में इस बीमारी को लेकर भय बना हुआ है।
विज्ञापन
खंड स्वास्थ्य अधिकारी डा. अविनाश ने स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने की पुष्टि करते हुए इसके लक्षण के बारे में बताया कि स्वाइन फ्लू होने की परिस्थितियों में मरीज को पहले बुखार आता है और आम दवाई खाने के बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं होता है। ऐसे में इसको लेकर लोगों में जागरूकता के साथ-साथ सावधानियां अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बुखार या खांसी होने पर अपने मुंह पर रूमाल रख लें ताकि इस तरह की बीमारी आगे न फैले।