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संशोधित वेतनमान की बकाया राशि दी जाए
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी
Updated Fri, 12 Feb 2016 06:47 PM IST
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मंडी। एचपीएमसी पूर्व कर्मचारी संगठन की बैठक अध्यक्ष टीआर चौहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न मांगों व समस्याओं के बारे में विचार-विमर्श किया गया। निगम प्रबंधन व सरकार की ओर से संगठन को कोई उत्तर न मिलने पर पूर्व कर्मचारियों में आक्रोश है।
बैठक में निगम प्रबंधन से मांग की गई कि जब से संशोधित वेतनमान की बकाया राशि कर्मचारियों को देय है, तब से लेकर इसे फिक्सड डिपोजिट समझा जाए, निगम में नियमित व कुशल कर्मचारियों की भर्ती की जाए, कुछ कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की राशि संशोधित वेतनमान और पुन: निर्धारण राशि का हिसाब नहीं दिया गया है, इसका शीघ्र भुगतान किया जाए। अध्यक्ष टीआर चौहान ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद बकाया सीपीएफ, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, संशोधित वेतनमान की बकाया राशि, हाउस रेंट भत्ता के बारे में सूचना व भुगतान नहीं किया गया है। इस बारे में कानूनी सलाह लेकर आवश्यक कानूनी नोटिस दिया जाएगा।
संगठन ने चेताया है कि यदि संगठन की न्यायोचित मांगों के ऊपर निगम प्रशासन एक माह के भीतर कोई कार्रवाई नहीं करता तो संगठन किसी भी प्रकार की सीधी कार्रवाई को विवश होगा। इसकी पूर्ण जिम्मेवारी सरकार व निगम प्रशासन की होगी।
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बैठक में निगम प्रबंधन से मांग की गई कि जब से संशोधित वेतनमान की बकाया राशि कर्मचारियों को देय है, तब से लेकर इसे फिक्सड डिपोजिट समझा जाए, निगम में नियमित व कुशल कर्मचारियों की भर्ती की जाए, कुछ कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की राशि संशोधित वेतनमान और पुन: निर्धारण राशि का हिसाब नहीं दिया गया है, इसका शीघ्र भुगतान किया जाए। अध्यक्ष टीआर चौहान ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद बकाया सीपीएफ, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, संशोधित वेतनमान की बकाया राशि, हाउस रेंट भत्ता के बारे में सूचना व भुगतान नहीं किया गया है। इस बारे में कानूनी सलाह लेकर आवश्यक कानूनी नोटिस दिया जाएगा।
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संगठन ने चेताया है कि यदि संगठन की न्यायोचित मांगों के ऊपर निगम प्रशासन एक माह के भीतर कोई कार्रवाई नहीं करता तो संगठन किसी भी प्रकार की सीधी कार्रवाई को विवश होगा। इसकी पूर्ण जिम्मेवारी सरकार व निगम प्रशासन की होगी।
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