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पानी न मिलने पर ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:21 PM IST
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सरकाघाट (मंडी)। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय में सोमवार को ग्रामीणों ने नियमित पेयजल मांग को लेकर हंगामा कर दिया। क्षेत्र के तीन गांव गध्याणी, रडू और समसाई के ग्रामीणों ने नियमित पेयजल न मिलने पर कार्यालय घेराव किया और कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। मौके पर अधिशासी अभियंता न होने पर ग्रामीण धरने से उठने को तैयार नहीं हुए। हालांकि बाद में कर्मचारियों के आश्वासन पर ग्रामीण धरने से उठे।
रड़ू और समसाई गांव के लोगों में राजकुमार, सरिता देवी, व्यासा देवी, पुष्पलता, चंपा देवी, संतोष कुमारी, शीला देवी, जमना देवी, नेक राम, राकेश कुमार, रूप लाल, अमर सिंह, चमन लाल, प्रकाश चंद, सोहन लाल, सुनील कुमार, सुंदर सिंह, डोलमा देवी, ज्ञान चंद, रवि कुमार, दिनेश कुमार, जोगिंद्र सिंह आदि का कहना है कि उनकी पेयजल योजना को ठेेके पर दिया गया है और उन्हें नवंबर माह के बाद पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि गध्याणी गांव के पंचायत प्रधान दीप चंद, मीरा, उर्मिला, धर्मी, धन्नों, अमीषा, एलएल राणा, संतोष व खुशहाल आदि का कहना है कि उन्हें 30-40 परिवारों को महीने या 40 दिनों के बाद कम मात्रा में पानी आ रहा है।
तीनों गांवों के ढाई सौ परिवारों को बार-बार जेई और एसडीओ, एक्सईएन के कार्यालयों में जाकर भी पेयजल नहीं दिया जा रहा है। मजबूरी में खड्डों और नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। धरने में शामिल प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य डा. जेके आजाद ने कहा कि समूचे आईपीएच डिवीजन का ढांचा चरमरा गया है। जल्द मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। इस संबंध में आईपीएच के अधिशासी अभियंता पीके वैद्य ने बताया कि वह इस समय सरकारी टूर पर हैं और शीघ्र ही कार्यालय आकर समस्या को हल करेंगे।
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रड़ू और समसाई गांव के लोगों में राजकुमार, सरिता देवी, व्यासा देवी, पुष्पलता, चंपा देवी, संतोष कुमारी, शीला देवी, जमना देवी, नेक राम, राकेश कुमार, रूप लाल, अमर सिंह, चमन लाल, प्रकाश चंद, सोहन लाल, सुनील कुमार, सुंदर सिंह, डोलमा देवी, ज्ञान चंद, रवि कुमार, दिनेश कुमार, जोगिंद्र सिंह आदि का कहना है कि उनकी पेयजल योजना को ठेेके पर दिया गया है और उन्हें नवंबर माह के बाद पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि गध्याणी गांव के पंचायत प्रधान दीप चंद, मीरा, उर्मिला, धर्मी, धन्नों, अमीषा, एलएल राणा, संतोष व खुशहाल आदि का कहना है कि उन्हें 30-40 परिवारों को महीने या 40 दिनों के बाद कम मात्रा में पानी आ रहा है।
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तीनों गांवों के ढाई सौ परिवारों को बार-बार जेई और एसडीओ, एक्सईएन के कार्यालयों में जाकर भी पेयजल नहीं दिया जा रहा है। मजबूरी में खड्डों और नालों का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। धरने में शामिल प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य डा. जेके आजाद ने कहा कि समूचे आईपीएच डिवीजन का ढांचा चरमरा गया है। जल्द मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। इस संबंध में आईपीएच के अधिशासी अभियंता पीके वैद्य ने बताया कि वह इस समय सरकारी टूर पर हैं और शीघ्र ही कार्यालय आकर समस्या को हल करेंगे।
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