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चरस तस्करी में दो आरोपियों को दस साल, एक को सात साल कैद

pooja awasthipooja awasthi Updated Mon, 25 Jul 2016 11:24 PM IST
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चरस तस्करी में दो आरोपियों को दस साल, एक को सात साल कैद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो मामलों में सुनाई सजा जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर भुगतनी होगी अतिरिक्त कैद अमर उजाला ब्यूरो मंडी। चरस तस्करी के दो मामलों में अदालत ने दो आरोपियों को दस-दस साल और एक को 7 साल के कठोर कारावास की सजा का फैसला सुनाया है। इन सभी आरोपियों को कारावास के अलावा जुर्माना राशि भी अदा करनी होगी।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दो) कृष्ण कुमार की विशेष अदालत (तीन) ने पंजाब के संगरूर जिला की धुरी तहसील के धर्मपुरा मोहल्ला निवासी बलविंदर सिंह पुत्र कृष्ण सिंह और ककरयाल (धुरी) गांव निवासी प्रकाश सिंह पुत्र बलवंत सिंह के खिलाफ मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर उन्हें दस-दस साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना समय पर अदा न करने पर उन्हें दो-दो साल की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। अभियोजन के अनुसार औट थाना पुलिस का दल एएसआई राज कुमार की अगुवाई में झलोगी के पास तैनात था। इसी दौरान कुल्लू की ओर से आ रही जाइलो कार की तलाशी लेने पर इसमें रखे एक लिफाफे से 1.250 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी। इस मामले में अभियोजन की ओर से 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
एक अन्य मामले में इसी अदालत ने बिलासपुर जिला के जबली (रघुनाथपुर) गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र कमल किशोर के खिलाफ 500 ग्राम चरस बरामद होने का अभियोग साबित होने पर उसे 7 साल के कठोर कारावास और 70,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना समय पर अदा न करने की सूरत में उसे दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक जोगिन्द्रनगर थाना पुलिस का दल एएसआई गुरदयाल सिंह की अगुवाई में घटासनी से बरोट मार्ग पर जा रहा था। इसी दौरान फयुन गलू के पास घटासनी की ओर से आ रहे एक व्यक्ति ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की।

तलाशी लेने पर उससे 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने चरस के स्रोत के बारे में पूछताछ की तो उसने फयुन गलू के एक दुकानदार का नाम बताया था। पुलिस ने उसे भी हिरासत में लेकर दोनों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इन मामलों की पैरवी लोक अभियोजक कुलभूषण अवस्थी ने की। हालांकि आरोपी दुकानदार के खिलाफ अभियोग साबित न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया है।
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