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Mandi News: धोखाधड़ी मामले में तीन दोषियों को तीन साल की सजा
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मंडी। नौकरी दिलाने का झांसा देने और धोखाधड़ी करने के तीन दोषियों को अदालत ने तीन-तीन साल के कारावास और बीस-बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सरकाघाट मोनिका सोम्बाल की अदालत ने अभियोग साबित होने पर रोहित गुप्ता, विधि चंद और अनिल कुमार को तीन साल और एक साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी सुभाष कायस्था के खिलाफ मामला साबित न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया है।
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता अच्छर सिंह को विधि चंद ने बताया था कि उसका भानजा अनिल शिमला में सचिवालय में नौकरी करता है और वह इन दिनों लोगों को नौकरी लगवा रहा है। जिस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे व दोनों बहुओं को नौकरी लगवाने के लिए अनिल के बताए हुए खातों में पांच लाख रुपये डाल दिए। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से नौकरी के नाम पर कुल 6,98,000 रुपये प्राप्त किए। आरोपियों ने उनके बेटे और बहुओं को नौकरी नहीं लगवाई। शिकायतकर्ता ने धर्मपुर थाना में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक सुभाष चंद ने 25 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग को साबित किया।
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जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता अच्छर सिंह को विधि चंद ने बताया था कि उसका भानजा अनिल शिमला में सचिवालय में नौकरी करता है और वह इन दिनों लोगों को नौकरी लगवा रहा है। जिस पर शिकायतकर्ता ने अपने बेटे व दोनों बहुओं को नौकरी लगवाने के लिए अनिल के बताए हुए खातों में पांच लाख रुपये डाल दिए। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से नौकरी के नाम पर कुल 6,98,000 रुपये प्राप्त किए। आरोपियों ने उनके बेटे और बहुओं को नौकरी नहीं लगवाई। शिकायतकर्ता ने धर्मपुर थाना में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक सुभाष चंद ने 25 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग को साबित किया।
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