फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Corporation buses are locked in the workshop for a month, affecting passenger services.

Mandi News: निगम की बसें एक महीने से कार्यशाला में बंद, यात्री सेवाएं प्रभावित

Sat, 25 Apr 2026 01:02 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 01:02 AM IST
विज्ञापन
Corporation buses are locked in the workshop for a month, affecting passenger services.
बस डिपो में मौजूद निगम की बसों की मरम्मत के लिए कलपुर्जों और आवश्यक संसाधनों का अभाव
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर परिवहन निगम बस डिपो की कर्मशाला में संसाधनों की कमी अब बसों की मरम्मत में बड़ी बाधा बन गई है। पिछले एक माह से कर्मशाला में मरम्मत के लिए पहुंच रही बसों के कलपुर्जों की अनुपलब्धता और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूट प्रभावित हो रहे हैं। मरम्मत कार्य पूरी तरह बाधित होने से इस समय आठ से दस बसें कर्मशाला में खड़ी हैं।
जुगाड़ के सहारे चल रही इस कर्मशाला में तकनीकी कर्मचारियों के 20 से अधिक पद रिक्त हैं। मजबूरी में बैजनाथ और पालमपुर बस डिपो से तकनीकी कर्मचारियों को बुलाकर खराब बसों की मरम्मत करवाई जा रही है। जमीनी स्थिति की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। केवल सात से आठ तकनीकी कर्मचारी ही पूरी कर्मशाला का कार्यभार संभाल रहे हैं, जबकि यहां 40 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता रहती है। संसाधनों की कमी अब निगम प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन गई है।
विज्ञापन

इसके अलावा कर्मशाला का कार्यस्थल भी कीचड़ और मलबे से भरा हुआ है, जिससे कर्मचारियों को मरम्मत कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश और तेज धूप में स्थिति और भी कठिन हो जाती है। स्थिति यह है कि बसों की धुलाई का कार्य भी मात्र एक कर्मचारी के भरोसे चल रहा है, जिससे बसों की स्वच्छता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
जोगिंद्रनगर बस डिपो में स्वीकृत 76 रूटों पर 46 बसें अपनी निर्धारित माइलेज पूरी कर चुकी हैं और इन्हीं के सहारे संचालन किया जा रहा है। इनमें से आठ से दस बसें फिलहाल मरम्मत के लिए कर्मशाला में खड़ी हैं। इस कारण लंबी दूरी के रूटों पर बस सेवाओं की कमी बनी हुई है। परिचालकों और चालकों के कई पद भी रिक्त हैं। प्रतिदिन लगभग दस हजार किलोमीटर का संचालन स्थानीय डिपो की बसों से किया जा रहा है, जिनके लिए अतिरिक्त डीजल आपूर्ति की भी आवश्यकता बनी रहती है।

बॉक्स
इस स्थिति को देखते हुए जोगिंद्रनगर बस डिपो की कर्मशाला में तकनीकी कर्मचारियों की कमी और संसाधनों के अभाव पर क्षेत्रीय प्रबंधक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि मरम्मत कार्य में आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सके। डिपो में नई बसें भी शामिल की गई हैं, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा और सुरक्षा मिल सके।
-पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक, हिमाचल पथ परिवहन निगम, धर्मशाला डिवीजन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed