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तीन कोरोना संक्रमितों समेत चार की मौत
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मंडी/नेरचौक। मेडिकल कालेज नेरचौक में बुधवार सुबह तीन कोरोना संक्रमितों समेत चार की मौत हो गई है। कोरोना पॉजिटिव मृतकों में एक मंडी के धर्मपुर, दो कुल्लू जिला के निवासी थे। चौथा कोरोना संदिग्ध मृतक बिलासपुर से संबंधित था।
कुल्लू जिले से संबंधित 76 वर्षीय व्यक्ति गांव और डाकघर सचनी तहसील भुंतर का निवासी था। वह 24 अक्तूबर को पॉजिटिव पाया गया। उसे कुल्लू से श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया। दूसरा डाकघर कर्जन तहसील मनाली जिला कुल्लू का निवासी है। 72 वर्ष संक्रमित को 21 अक्तूबर को नेरचौक अस्पताल में दाखिल किया था। कोरोना से मरने वाला तीसरा व्यक्ति गांव और डाकघर सजाओपीपलू तहसील धर्मपुर जिला मंडी का निवासी था। 64 वर्षीय व्यक्ति को 27 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज नेरचौक में दाखिल किया था। तीनों कई बीमारियों से ग्रस्त थे। उनका नेरचौक में कोविड श्मशानघाट में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वहीं खरतेड़ डाकघर बरमाना तहसील सदर जिला बिलासपुर के 46 वर्षीय कोरोना संदिग्ध की भी मौत हुई है। उनके शव को मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार टेस्ट रिपोर्ट के बाद किया जाएगा।
शिक्षकों से लेकर पंचायत प्रतिनिधि फील्ड में उतरे
कोविड नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान छेड़ा है। प्रशासनिक अमले के साथ स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला, युवक मंडलों और पंचायती राज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों, अध्यापकों समेत विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। हर उपमंडल में ग्राम स्तर पर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लोगों शिक्षित किया जा रहा है। दो गज की दूरी का पालन करने, बार-बार साबुन से हाथ धोने और घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
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त्योहारी सीजन में संक्रमण का खतरा बढ़ा
डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जागरूकता अभियान को गति दी गई है। बाजार में लोगों की आमद बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ा है। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग कोरोना से बचाव को सतर्क रहें और सावधानी बरतें।
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कुल्लू जिले से संबंधित 76 वर्षीय व्यक्ति गांव और डाकघर सचनी तहसील भुंतर का निवासी था। वह 24 अक्तूबर को पॉजिटिव पाया गया। उसे कुल्लू से श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया। दूसरा डाकघर कर्जन तहसील मनाली जिला कुल्लू का निवासी है। 72 वर्ष संक्रमित को 21 अक्तूबर को नेरचौक अस्पताल में दाखिल किया था। कोरोना से मरने वाला तीसरा व्यक्ति गांव और डाकघर सजाओपीपलू तहसील धर्मपुर जिला मंडी का निवासी था। 64 वर्षीय व्यक्ति को 27 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज नेरचौक में दाखिल किया था। तीनों कई बीमारियों से ग्रस्त थे। उनका नेरचौक में कोविड श्मशानघाट में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वहीं खरतेड़ डाकघर बरमाना तहसील सदर जिला बिलासपुर के 46 वर्षीय कोरोना संदिग्ध की भी मौत हुई है। उनके शव को मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार टेस्ट रिपोर्ट के बाद किया जाएगा।
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शिक्षकों से लेकर पंचायत प्रतिनिधि फील्ड में उतरे
कोविड नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान छेड़ा है। प्रशासनिक अमले के साथ स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला, युवक मंडलों और पंचायती राज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों, अध्यापकों समेत विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। हर उपमंडल में ग्राम स्तर पर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लोगों शिक्षित किया जा रहा है। दो गज की दूरी का पालन करने, बार-बार साबुन से हाथ धोने और घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
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त्योहारी सीजन में संक्रमण का खतरा बढ़ा
डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जागरूकता अभियान को गति दी गई है। बाजार में लोगों की आमद बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ा है। इसलिए जरूरी है कि सभी लोग कोरोना से बचाव को सतर्क रहें और सावधानी बरतें।