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श्रमिक कल्याण बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ गरजेगी सीटू : भूपेंद्र
Wed, 20 Mar 2024 05:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 20 Mar 2024 05:27 AM IST
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धर्मपुर (मंडी)। सीटू से संबंधित मनरेगा एवं निर्माण मजदूर यूनियन ने राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया है। 26 मार्च को सभी श्रम कल्याण अधिकारियों के कार्यालयों और 28 मार्च को बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय शिमला में प्रदर्शन होगा। यह जानकारी यूनियन के राज्य महासचिव एवं बोर्ड के सदस्य भूपेंद्र सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में बोर्ड की चार बैठकें हुई हैं।। उनमें मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और वित्तीय लाभ जारी करने के बारे फैसले लिए गए हैं, लेकिन न तो बोर्ड राज्य कार्यालय और न ही जिला स्तर पर इस कार्य को गंभीरता से कर रहे हैं। सवा लाख मजदूरों की पांच सौ करोड़ की वित्तीय सहायता गैर-कानूनी तौर पर रोकी हुई है।
पिछले दो साल से मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण व लाभ गैर कानूनी तौर पर रोके हुए थे, लेकिन एक मार्च को हुई बोर्ड बैठक में उन्हें जारी करने बारे फैसला हो गया है। इसके बाद भी जिलों में उनके फार्म नहीं लिए जा रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बोर्ड के सचिव को स्मरण पत्र लिखकर जल्द श्रम कल्याण अधिकारियों की बैठक मजदूर यूनियनों के साथ करवाने की मांग की है।
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उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में बोर्ड की चार बैठकें हुई हैं।। उनमें मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और वित्तीय लाभ जारी करने के बारे फैसले लिए गए हैं, लेकिन न तो बोर्ड राज्य कार्यालय और न ही जिला स्तर पर इस कार्य को गंभीरता से कर रहे हैं। सवा लाख मजदूरों की पांच सौ करोड़ की वित्तीय सहायता गैर-कानूनी तौर पर रोकी हुई है।
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पिछले दो साल से मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण व लाभ गैर कानूनी तौर पर रोके हुए थे, लेकिन एक मार्च को हुई बोर्ड बैठक में उन्हें जारी करने बारे फैसला हो गया है। इसके बाद भी जिलों में उनके फार्म नहीं लिए जा रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बोर्ड के सचिव को स्मरण पत्र लिखकर जल्द श्रम कल्याण अधिकारियों की बैठक मजदूर यूनियनों के साथ करवाने की मांग की है।
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