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Mandi News: नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में बच्चों को नहीं मिल रहा उपचार
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अस्पताल में फैली अव्यवस्था से बाल रोगियों की जान पर संकट
दो वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने से बिगड़े हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के शिशु वार्ड में दाखिले न होने से बाल रोगी और उनके अभिभावक गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थिति यह है कि बीमार शिशुओं को मजबूरी में 80 से 100 किलोमीटर दूर टांडा तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है, जिससे बच्चों को समय पर उपचार मिलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अस्पताल में करीब दो वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते पांच दिनों में ही 20 से अधिक गंभीर बाल रोगियों को उचित उपचार न मिलने पर मंडी और कांगड़ा जिले के अस्पतालों का रुख करना पड़ा। कमजोर और नाजुक बाल रोगियों को इतनी लंबी दूरी तक ले जाना परिजनों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है, वहीं देरी से इलाज मिलने के कारण कई मामलों में जान का जोखिम भी बढ़ गया है।
तीमारदार कविता ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण बच्चों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। बाहर के अस्पतालों तक जाने में न केवल समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि आपात स्थिति में जोखिम भी बढ़ जाता है। इस संबंध में नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार जारी है। फिलहाल अस्पताल में मौजूद चिकित्सक प्राथमिक उपचार देकर बच्चों को राहत प्रदान कर रहे हैं, जबकि गंभीर मामलों में टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
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दो वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने से बिगड़े हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के शिशु वार्ड में दाखिले न होने से बाल रोगी और उनके अभिभावक गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्थिति यह है कि बीमार शिशुओं को मजबूरी में 80 से 100 किलोमीटर दूर टांडा तथा नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है, जिससे बच्चों को समय पर उपचार मिलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अस्पताल में करीब दो वर्षों से शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते पांच दिनों में ही 20 से अधिक गंभीर बाल रोगियों को उचित उपचार न मिलने पर मंडी और कांगड़ा जिले के अस्पतालों का रुख करना पड़ा। कमजोर और नाजुक बाल रोगियों को इतनी लंबी दूरी तक ले जाना परिजनों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है, वहीं देरी से इलाज मिलने के कारण कई मामलों में जान का जोखिम भी बढ़ गया है।
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तीमारदार कविता ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण बच्चों का समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है। बाहर के अस्पतालों तक जाने में न केवल समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि आपात स्थिति में जोखिम भी बढ़ जाता है। इस संबंध में नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार जारी है। फिलहाल अस्पताल में मौजूद चिकित्सक प्राथमिक उपचार देकर बच्चों को राहत प्रदान कर रहे हैं, जबकि गंभीर मामलों में टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
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