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Mandi News: जंजैहली स्कूल में सीबीएसई का क्रेज, छठी से आठवीं तक की सभी सीटें फुल

Sat, 28 Feb 2026 12:04 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:04 AM IST
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CBSE craze in Janjehli school, all seats from class 6th to 8th filled
सराज का एकमात्र सीबीएसई स्कूल, अभिभावकों में दाखिले की होड़, सीटें बढ़ाने की उठी मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र के एकमात्र सीबीएसई से संबद्ध आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंजैहली में दाखिलों को लेकर जबरदस्त उत्साह है। 12 फरवरी को विंटर क्लोजिंग स्कूल खुलने के बाद से ही यहां प्रवेश के लिए मारामारी मची है। हैरानी की बात यह है कि जिन कक्षाओं में पहले बमुश्किल 10 से 15 छात्र ही प्रवेश लेते थे, वहां अब सीटें कम पड़ने लगी हैं। खासतौर पर छठी से आठवीं कक्षा तक की सभी सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं।

सीबीएसई नियमों के अनुसार प्रत्येक सेक्शन में केवल 40 सीटें निर्धारित की गई हैं। जंजैहली स्कूल में प्री-प्राइमरी से आठवीं तक प्रत्येक कक्षा का एक ही सेक्शन (40 सीटें) है। सेकेंडरी सेक्शन (नौंवी से बारहवीं) में छात्र संख्या को देखते हुए 3 से 4 सेक्शन रखे गए हैं। यहां नौवीं और दसवीं में फिलहाल तीन-तीन सेक्शन हैं, जबकि 11वीं और 12वीं (आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स) में प्रवेश प्रक्रिया अप्रैल माह से शुरू होगी।
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जंजैहली स्कूल में प्राइमरी विंग की नर्सरी में 25, एलकेजी में 26, यूकेजी में 15 और पहली कक्षा में 30 दाखिले हो चुके हैं। मिडल विंग की छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं में 40-40 की क्षमता पूरी हो गई है। सेकेंडरी विंग की नौवीं कक्षा में यहां 120 उपलब्ध सीटों में से 62 भर चुकी हैं।
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सीटें फुल होने के कारण कई अभिभावकों को मायूस लौटना पड़ा। अभिभावक कृष्ण कुमार, गीरजानंद और सोहनलाल अपने बच्चों का दाखिला छठी कक्षा में कराना चाहते थे, लेकिन जगह नहीं मिली। वहीं, गीता देवी भी अपनी दो बेटियों का प्रवेश सातवीं व आठवीं में नहीं करवा पाईं। अभिभावकों ने सरकार से इन कक्षाओं में एक-एक अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने की गुहार लगाई है। क्षेत्र के सेवानिवृत्त प्रोफेसर गोबिंद सिंह के अनुसार सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध होने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार निश्चित है। नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं का आधार एनसीईआरटी ही होता है। यहां रटने के बजाय कौशल विकास और प्रैक्टिकल ज्ञान पर अधिक जोर दिया जाता है।
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सीबीएसई से संबद्धता के बाद जंजैहली स्कूल पर अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। सेक्शन बढ़ाना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन सीमित सीटों के साथ हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे। -गजराज सिंह, कार्यकारी प्रिंसिपल, जंजैहली।

10वीं और 12वीं में फिलहाल रहेगा एचपी बोर्ड

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस सत्र में 10वीं और 12वीं के छात्र हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड का ही पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों पर अचानक पाठ्यक्रम बदलने का मानसिक दबाव न पड़े। अगले सत्र से ये कक्षाएं भी सीबीएसई पैटर्न पर शिफ्ट हो जाएंगी।
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