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Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल में बिना सर्जरी होंगे मोतियांबिंद के ऑपरेशन

Fri, 27 Mar 2026 05:03 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Fri, 27 Mar 2026 05:03 AM IST
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Cataract operations will be done without surgery in the regional hospital
एनएचएम ने अस्पताल प्रबंधन को दी 22 लाख रुपये की आधुनिक फेको मशीन
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नेत्र रोगियों को नहीं जाना पड़ेगा अब नेरचौक और निजी अस्पतालों में
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नेत्र रोगियों, विशेषकर मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के लिए राहत की खबर है। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में अब जल्द ही आधुनिक तकनीक से सुसज्जित फेको मशीन के जरिये सर्जरी की सुविधा शुरू होने जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से अस्पताल में करीब 22 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मशीन उपलब्ध करवाई गई है।
अस्पताल में पहले से मौजूद मशीन काफी पुरानी हो चुकी थी और उसमें बार-बार खराबी आने के कारण ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। इससे न केवल चिकित्सकों को परेशानी होती थी, बल्कि मरीजों को भी इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, सुविधा लेने के लिए उन्हें 15 किलोमीटर दूर नेरचौक मेडिकल कॉलेज व अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
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नई फेको मशीन की मदद से मोतियाबिंद की सर्जरी बिना टांके और बिना बड़े चीरे के की जाएगी। इस तकनीक में अल्ट्रासोनिक तरंगों के जरिये आंख के धुंधले लेंस को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर बाहर निकाला जाता है और उसकी जगह कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। सर्जरी के दौरान मात्र 2.2 से 2.8 मिलीमीटर का छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे न खून बहता है और न ही टांके लगाने की जरूरत पड़ती है। यह पूरी प्रक्रिया लगभग 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाती है और मरीज को जल्द ही छुट्टी भी मिल जाती है।
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साथ ही जिन मरीजों के लिए लेसिक संभव नहीं है, उनके लिए रिफ्रैक्टिव लेंस बदलकर चश्मे से भी छुटकारा दिलाने में यह मशीन कारगर साबित होगी। अस्पताल प्रबंधन के प्रयासों से मिली इस सुविधा से अब सर्जरी की सफलता दर बढ़ेगी और मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।


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अस्पताल में पुरानी मशीन के बार-बार खराब होने से मोतियाबिंद व अन्य आंखों के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। अब एनएचएम से आधुनिक मशीन मिलने के बाद मरीजों के ऑपरेशन में काफी सुविधा होगी। - डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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